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सरस्वती स्तोत्रस्तोत्र

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: फ़रवरी 11, 2026 7:08 अपराह्न
Sanatani
Published: फ़रवरी 11, 2026
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शारदा पंच रत्न स्तोत्रम्

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम्(Sharada Pancha Ratna Stotram) एक प्रसिद्ध संस्कृत स्तोत्र है जो माता सरस्वती (शारदा देवी) को समर्पित है। यह स्तोत्र उनके ज्ञान, विद्या, बुद्धि, और वाणी की महिमा का गुणगान करता है। माता सरस्वती को विद्या, संगीत, कला, और ज्ञान की देवी माना जाता है, और यह स्तोत्र उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

Contents
  • शारदा पंच रत्न स्तोत्रम्
  • शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् का महत्त्व
  • शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् – Sharada Pancha Ratna Stotram
  • शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् के पाठ के लाभ
  • शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् के पाठ की विधि

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् का महत्त्व

  • यह स्तोत्र विद्यार्थियों, विद्वानों, और कला साधकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
  • इसे नित्यप्रति पढ़ने से स्मरण शक्ति बढ़ती है, और मन एकाग्र रहता है।
  • माता सरस्वती की कृपा से व्यक्ति को ज्ञान, विवेक, और वाणी पर नियंत्रण प्राप्त होता है।
  • यह भाषा, संगीत, और लेखन में सिद्धि प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है।

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् – Sharada Pancha Ratna Stotram

वाराराम्भसमुज्जृम्भरविकोटिसमप्रभा।
पातु मां वरदा देवी शारदा नारदार्चिता।
अपारकाव्यसंसारशृङ्कारालङ्कृताम्बिका।
पातु मां वरदा देवी शारदा नारदार्चिता।
नवपल्लवकामाङ्गकोमला श्यामलाऽमला।
पातु मां वरदा देवी शारदा नारदार्चिता।
अखण्डलोकसन्दोहमोहशोकविनाशिनी।
पातु मां वरदा देवी शारदा नारदार्चिता।
वाणी विशारदा माता मनोबुद्धिनियन्त्रिणी।
पातु मां वरदा देवी शारदा नारदार्चिता।
शारदापञ्चरत्नाख्यं स्तोत्रं नित्यं नु यः पठेत्।
स प्राप्नोति परां विद्यां शारदायाः प्रसादतः।

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् के पाठ के लाभ

  1. विद्या और ज्ञान की वृद्धि – विद्यार्थियों के लिए यह स्तोत्र अत्यंत उपयोगी है।
  2. स्मरण शक्ति में सुधार – अध्ययन करने वालों को यह स्तोत्र पढ़ने से बहुत लाभ होता है।
  3. वाणी और अभिव्यक्ति में सुधार – वाणी मधुर और प्रभावशाली बनती है।
  4. संगीत और कला में सफलता – संगीत एवं कला साधकों के लिए यह अत्यंत फलदायी है।
  5. मन की एकाग्रता और शांति – इसका पाठ करने से मन शांत और केंद्रित होता है।
  6. बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि – विवेक और तार्किक शक्ति का विकास होता है।

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् के पाठ की विधि

  • प्रातःकाल या संध्या समय स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • देवी सरस्वती के चित्र या मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।
  • सफेद पुष्प, अक्षत (चावल), और सफेद वस्त्र अर्पित करें।
  • श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस स्तोत्र का पाठ करें।
  • विशेष रूप से वसंत पंचमी, गुरुवार, एवं परीक्षा के समय इसका पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

शारदा पंच रत्न स्तोत्रम् एक प्रभावशाली स्तोत्र है जो ज्ञान, विद्या, स्मरण शक्ति, और वाणी में वृद्धि करता है। इसकी महिमा अपार है और इसके नियमित पाठ से विद्यार्थियों, कलाकारों, और विद्वानों को विशेष लाभ होता है। जो भी श्रद्धा पूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसे माँ सरस्वती की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

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