कविताये और प्राथनाए

जय जयति देवकीनन्दन

जय जयति देवकीनन्दन जय जयति देवकी नंदन, जय २ जय जय दुष्ट निकंदन तुम जगके कर्ताधर्ता,पालक पोषक संहर्ता शुभ लसै…

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प्रार्थना – भज़ रामकृष्ण

भज़ रामकृष्ण भज़ रामकृष्ण मुकुन्द माधव नन्द नन्दन सांबरे ॥छुटे पाप कोटिन जन्म के चारों पदारथ पावरे ॥ १ ॥…

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भज रघुनन्दन – प्रार्थना

भज रघुनन्दन असुर निकन्दन त्रिभुवन बंदन विश्वपतिम् ।मुनिजन मानस हंस मनोहर सर्वाधार विशुद्ध मतिम् ॥ मय्यादा पुरुषोत्तम सत्तम निंदन कोटि…

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Latest कविताये और प्राथनाए News

प्रार्थना – मंगलमय मंगल बदन गणेश

मंगलमय गणेश - प्रार्थना मंगलमय मंगल सदन, मंगल बदन गणेश ।मंगल युत…

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मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी…

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मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी…

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प्रार्थना – माया तेरी अपार

माया तेरी अपार माया है तेरी अपार माया पार नहीं कोई पाता…

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