Latest कविताये और प्राथनाए News
हे प्रभु तुझारी कीर्ति को गाये ।।
हे प्रभु तुम्हारी कीर्ति को गायें न क्या करें। चरणों में सदा…
भज रघुनन्दन – प्रार्थना
भज रघुनन्दन असुर निकन्दन त्रिभुवन बंदन विश्वपतिम् ।मुनिजन मानस हंस मनोहर सर्वाधार…
मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान
मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी…
प्रार्थना – माया तेरी अपार
माया तेरी अपार माया है तेरी अपार माया पार नहीं कोई पाता…



