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SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भजन > राम भजन > राम नाम मेरे मन बसियो
भजनराम भजन

राम नाम मेरे मन बसियो

Sanatani
Last updated: जनवरी 23, 2026 12:33 अपराह्न
Sanatani
Published: मार्च 4, 2025
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राम नाम मेरे मन बसियो – Ram Nam Mere Man Basiyo ( राग खंभावती – ताल तिताला )

राम नाम मेरे मन बसियो, रसियो राम रिझाऊँ ए माय ।
मैं मँद-भागण करम अभागण, कीरत कैसे गाऊँ ए माय ॥१॥

विरह-पिंजरकी बाद सखी री, उठकर जी हुलसाऊँ ए माय ।
मनकू मार सज् सतगुरयूँ, दुरमत दूर गमाऊँ ए माय ॥२॥

डंको नाम सुरतकी डोरी, कड़ियाँ प्रेम चढ़ाऊँ ए माय ।
प्रेमको ढोल बण्यो अति भारी, मगन होय गुण गाऊँ ए माय ॥३॥

तन करूँ ताल मन करूँ ढफली, सोती सुरति जगाऊँ ए माय ।
निरत करूँ मैं प्रीतम आगे, तो प्रीतम पद पाऊँ ए माय ॥४॥

मो अबळापर किरपा कीज्यो, गुण गोविंदका गाऊँ ए माय ।
मीराके प्रभु गिरवर नागर, रज चरणनकी पाऊँ ए माय ॥५॥

स्याम मोरे ढिगतें कबहुँ न जावै – Syam More Dhigaten Kabahun Na Javai
मूरति मुहनियाँ राधिकाजूकी
मन हरि सुमिरन करि लीजै
मन कछु वा दिनकी सुधि राख
चेत कर नर चेत कर गफ़लतमें – Chet Kar Nar Chet Kar Gafalata Men Sona Chhod De
TAGGED:ताल तिताला ( Taal Titaala )राग खंभावती ( Raag Khambhaavatee )
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