19.3 C
Gujarat
बुधवार, फ़रवरी 11, 2026

श्री जुगलकिशोर जी की आरती 

Post Date:

आरती जुगलकिशोर की कीजै।
तन मन धन न्यौछावर कीजै।

रवि शशि कोटि बदन की शोभा।
ताहि निरखि मेरी मन लोभा।

गौर श्याम मुख निखरत रीझै।
प्रभु को स्वरूप नयन भरि पीजै।

कंचन थार कपूर की बाती।
हरि आए निर्मल भई छाती।

फूलन की सेज फूलन की माला।
रतन सिंहासन बैठे नन्दलाला।

मोर मुकुट कर मुरली सोहे।
नटवर वेष देखि मन मोहे।

ओढ़यो नील-पीत पटसारी,
कुंज बिहारी गिरवरधारी।

आरती करत सकल ब्रजनारी।
नन्दनन्दन वृषभानु किशोरी।

परमानन्द स्वामी अविचल जोड़ी।
आरती जुगल किशोर की कीजै।


श्री जुगलकिशोर जी मंदिर से जुडी सभी बाते जाने ने की लिए यहाँ जाए Click Here

452432691 891229043045001 5184912955823463100 n

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!