By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: दृग तुम चपलता तजि देहु
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भजन > कृष्ण भजन > दृग तुम चपलता तजि देहु
कृष्ण भजनभजन

दृग तुम चपलता तजि देहु

Sanatani
Last updated: जनवरी 22, 2026 7:37 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 22, 2026
Share
SHARE

दृग तुम चपलता तजि देहु – राग हंसधुन – ताल रूपक

दृग तुम चपलता तजि देहु ।

गुंजरहु चरनारबिन्दनि, होय मधुप सनेहु ॥

दसहुँ दिसि जित तित फिरहु, किन सकल जगरस लेहु ।

पै न मिलिहै अमित सुख कहुँ, जो मिले या गेहु ||

गहों प्रीति प्रतीत दृढ़ ज्यों, रटत चातक मेहु ।

बनो चारु चकोर पियमुख, चंद्र छबि रस एहू ।।

 

Contents
  • दृग तुम चपलता तजि देहु – राग हंसधुन – ताल रूपक
  • Drg Tum Chapalata Taji Dehu – Raag Hansadhun – Taal Roopak

Drg Tum Chapalata Taji Dehu – Raag Hansadhun – Taal Roopak

Drg Tum Chapalata Taji Dehu .

Gunjarahu Charanaarabindani, Hoy Madhup Sanehu .

Dasahun Disi Jit Tit Phirahu, Kin Sakal Jagaras Lehu .

Pai Na Milihai Amit Sukh Kahun, Jo Mile Ya Gehu ||

Gahon Preeti Prateet Drdh Jyon, Ratat Chaatak Mehu .

Bano Chaaru Chakor Piyamukh, Chandr Chhabi Ras Ehoo ..

सत्य सनातन सुंदर शिब सबके स्वामी
भली है राम नामकी ओट – Bhali Hai Ram Namki Oat
स्याम मोहिं तुम बिनु कछु न सुहावै – Syam Mohin Tum Binu Kachu Na Suhavai
Ye Chamak Ye Damak Lyrics
नाथ मनें अबकी बार बचाओ
TAGGED:ताल रूपक ( Taal Roopak )युगलप्रियाजी ( Yugalpriya ji )राग तिलंग ( Raag Tilang )
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
श्री विष्णु स्तोत्रस्तोत्र

श्री दशावतार स्तोत्र (श्रीमच्छङ्कराचार्य द्वारा रचित) -Dashavatar Stotram

Sanatani
Sanatani
फ़रवरी 11, 2026
श्रीकृष्ण द्वादश नाम स्तोत्रम्
हनुमन्तकृत सीताराम स्तोत्रम्
प्रभुके दो ही दास हैं साँचे ( राग शुद्ध कल्याण – ताल तिताला – प्रकीर्ण )
छोड मन तू मेरा मेरा अंतमें कोई नहीं तेरा – Chhod Man Too Mera Mera Antamen Koee Nahin Tera

Categories

Reading: दृग तुम चपलता तजि देहु
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?