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Reading: राधिका पंचक स्तोत्रम्
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SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > कृष्ण स्तोत्र > राधिका पंचक स्तोत्रम्
कृष्ण स्तोत्रस्तोत्र

राधिका पंचक स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 24, 2026 7:56 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 24, 2026
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राधिका पंचक स्तोत्रम्

राधिका पंचक स्तोत्रम्(Radhika Panchaka Stotram) एक अत्यंत प्रभावशाली और सुंदर भक्तिपूर्ण स्तुति है, जो श्री राधा रानी की महिमा और उनकी कृपा का वर्णन करती है। यह स्तोत्र भगवान श्रीकृष्ण की प्रियतम, श्री राधा रानी के प्रति गहरी भक्ति और प्रेम को व्यक्त करता है। इसे भक्तों द्वारा राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्ति के लिए श्रद्धा-भाव से गाया और पढ़ा जाता है।

Contents
  • राधिका पंचक स्तोत्रम्
  • राधिका पंचक स्तोत्रम् का महत्व
  • स्तुति का पाठ और विधि
  • राधिका पंचक स्तोत्रम्
  • Radhika Panchaka Stotram Meaning
  • Radhika Panchaka Stotram Uccharan
  • राधिका पंचक स्तोत्रम् का फलश्रुति
  • राधिका पंचक स्तोत्रम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न
    • u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् क्या है?u003c/strongu003e
    • u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ करने से क्या लाभ होता है?u003c/strongu003e
    • u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् का हिंदी अर्थ क्या है?u003c/strongu003e
    • u003cstrongu003eक्या राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ किसी विशेष अवसर पर करना चाहिए?u003c/strongu003e
    • u003cstrongu003eक्या राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ करने के लिए कोई विशेष तैयारी की आवश्यकता है?u003c/strongu003e

राधिका पंचक स्तोत्रम् का महत्व

राधिका पंचक स्तोत्रम् के पाठ से भक्तों को अनेक प्रकार के आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। इसमें राधा रानी की दिव्यता, उनकी कृपा और उनके प्रेम का गुणगान किया गया है। यह स्तोत्र राधा-कृष्ण के लीला तत्त्व और उनकी अचिंत्य महिमा को समझने का मार्ग प्रशस्त करता है।

भक्तों का विश्वास है कि जो भी इस स्तोत्र को श्रद्धा और भक्ति के साथ नियमित रूप से पढ़ता है, उसे श्री राधा रानी की कृपा से भौतिक और आध्यात्मिक समृद्धि प्राप्त होती है। यह मन को शांत करता है और जीवन के कष्टों को दूर करता है।

राधिका पंचक स्तोत्रम् की रचना किसी महान संत या भक्त द्वारा की गई है, जो राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन थे। इसका नाम ‘पंचक’ इसलिए है क्योंकि यह पाँच श्लोकों का समूह है। प्रत्येक श्लोक में श्री राधा रानी के गुणों, स्वरूप और उनकी कृपा का वर्णन किया गया है।

स्तुति का पाठ और विधि

इस स्तोत्र का पाठ प्रातःकाल या सांध्य समय में किया जाता है। पाठ के दौरान राधा-कृष्ण के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, पुष्प अर्पित कर और मन को शुद्ध करके पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

पाठ के समय ध्यान देने योग्य बातें:

  1. स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखें।
  2. मन को शांत रखें और श्री राधा रानी के स्वरूप का ध्यान करें।
  3. स्तोत्र को सही उच्चारण के साथ पढ़ें।
  4. श्रद्धा और भक्ति से इसे गाएं या मन ही मन इसका जप करें।

राधिका पंचक स्तोत्रम्

नमस्ते राधिके तुभ्यं नमस्ते वृषभानुजे ।
श्रीकृष्णचन्द्रप्रीतायै नमो वृन्दावनस्थिते ।।

नमोऽस्तु सुरसुन्दर्यै पूर्णचन्द्रानने शुभे ।
माधवाङ्कसमासीने राधे तुभ्यं नमो नमः ।।

सुशान्ते सर्वलोकेशि सुचारुवनवासिनि ।
सुवर्त्तुलस्तने तुभ्यं राधिकायै नमो नमः ।।

देवकीनन्दनाभीष्टे गीतगोविन्दवर्णिते ।
मनोजदर्पहन्त्र्यै ते राधिकायै सदा नमः ।।

कृष्णनामजपासक्ते कृष्णवामार्द्धरूपिणि ।
प्रेमत्रपाशये तुभ्यं राधे नित्यं नमो नमः ।।

राधिकापञ्चकस्तोत्रं भक्त्या यस्तु सदा पठेत् ।
श्रीकृष्णभक्तिमाप्नोति प्रेम प्राप्नोति यौवने ।।

Radhika Panchaka Stotram Meaning

नमस्ते राधिके तुभ्यं नमस्ते वृषभानुजे
श्रीकृष्णचन्द्रप्रीतायै नमो वृन्दावनस्थिते
Salutations to you, Radhika, daughter of Vrishabhanu. Salutations to the one who pleases Shri Krishna and resides in Vrindavan.

नमोऽस्तु सुरसुन्दर्यै पूर्णचन्द्रानने शुभे
माधवाङ्कसमासीने राधे तुभ्यं नमो नमः
Salutations to the divine beauty, with a face like the full moon. Salutations to you, Radha, who sits close to Madhava (Krishna).

सुशान्ते सर्वलोकेशि सुचारुवनवासिनि
सुवर्त्तुलस्तने तुभ्यं राधिकायै नमो नमः
Salutations to the peaceful one, queen of all worlds, who resides in the beautiful forests. Salutations to you, Radhika, with perfect round breasts.

देवकीनन्दनाभीष्टे गीतगोविन्दवर्णिते
मनोजदर्पहन्त्र्यै ते राधिकायै सदा नमः
Salutations to Radhika, the beloved of Devaki’s son (Krishna), glorified in the Gita Govinda. Salutations to her who destroys Cupid’s pride.

कृष्णनामजपासक्ते कृष्णवामार्द्धरूपिणि
प्रेमत्रपाशये तुभ्यं राधे नित्यं नमो नमः
Salutations to Radha, devoted to chanting Krishna’s name, the feminine half of Krishna. Salutations to her who is bound by the modesty of love.

राधिकापञ्चकस्तोत्रं भक्त्या यस्तु सदा पठेत्
श्रीकृष्णभक्तिमाप्नोति प्रेम प्राप्नोति यौवने
Whoever devoutly recites this Radhika Panchaka Stotra regularly, will attain devotion to Shri Krishna and love in youth.

This Stotra praises Radha’s beauty, love, and devotion to Krishna, encouraging devotion to both Radha and Krishna.

Radhika Panchaka Stotram Uccharan

namo’stu surasundaryai poornachandraanane shubhe .
maadhavaankasamaaseene raadhe tubhyam’ namo namah’ ..

sushaante sarvalokeshi suchaaruvanavaasini .
suvarttulastane tubhyam’ raadhikaayai namo namah’ ..

devakeenandanaabheesht’e geetagovindavarnite .
manojadarpahantryai te raadhikaayai sadaa namah’ ..

kri’shnanaamajapaasakte kri’shnavaamaarddharoopini .
prematrapaashaye tubhyam’ raadhe nityam’ namo namah’ ..

raadhikaapanchakastotram’ bhaktyaa yastu sadaa pat’het .
shreekri’shnabhaktimaapnoti prema praapnoti yauvane ..

राधिका पंचक स्तोत्रम् का फलश्रुति

फलश्रुति में बताया गया है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्त को राधा रानी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। यह स्तोत्र जीवन में प्रेम, शांति और आनंद का संचार करता है। यह भक्ति मार्ग के साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

भक्तों के लिए यह स्तोत्र श्री राधा रानी के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को व्यक्त करने का एक उत्तम माध्यम है। यदि इसे नियमपूर्वक और श्रद्धा से किया जाए, तो यह निश्चित रूप से आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है।

राधिका पंचक स्तोत्रम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न

u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् क्या है?u003c/strongu003e

उत्तर: राधिका पंचक स्तोत्रम्, श्री राधिका की स्तुति में लिखा गया एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इसमें राधा जी की महिमा, उनके गुण और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी प्रेम भावना का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र का पाठ भक्तों द्वारा भगवान कृष्ण की आराधना और राधिका की कृपा के लिए किया जाता है।

u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ करने से क्या लाभ होता है?u003c/strongu003e

उत्तर: राधिका पंचक स्तोत्रम् का नियमित पाठ करने से भक्त श्रीकृष्ण की भक्ति प्राप्त करते हैं और प्रेम तथा आस्था में वृद्धि होती है। यह स्तोत्र भक्तों को मानसिक शांति और प्रेम संबंधों में सुधार में भी मदद करता है

u003cstrongu003eराधिका पंचक स्तोत्रम् का हिंदी अर्थ क्या है?u003c/strongu003e

उत्तर: राधिका पंचक स्तोत्रम् में राधा जी के विविध रूपों और उनके गुणों का वर्णन किया गया है। हर श्लोक में राधा जी की सुंदरता, उनके स्वभाव और कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति का उल्लेख है। इसका हिंदी अर्थ समझने से भक्तों को इससे जुड़े आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है

u003cstrongu003eक्या राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ किसी विशेष अवसर पर करना चाहिए?u003c/strongu003e

उत्तर: हाँ, राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ विशेष अवसरों जैसे राधाष्टमी, कृष्णाष्टमी और अन्य धार्मिक त्यौहारों पर अधिक लाभकारी माना जाता है। यह भक्तों को राधिका और कृष्ण की कृपा प्राप्त करने का एक अवसर देता है

u003cstrongu003eक्या राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ करने के लिए कोई विशेष तैयारी की आवश्यकता है?u003c/strongu003e

उत्तर: राधिका पंचक स्तोत्रम् का पाठ करते समय भक्त को शुद्धता बनाए रखना चाहिए। ध्यान और श्रद्धा से इसे पढ़ना चाहिए। पूजा में फूल, दीया, और अगरबत्ती का उपयोग भी किया जा सकता है

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