21.9 C
Gujarat
बुधवार, फ़रवरी 4, 2026

लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्रम्

Post Date:

लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्रम्

लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्रभावशाली स्तोत्र है जो माँ लक्ष्मी को समर्पित है। यह स्तोत्र उनके बारह दिव्य नामों का उल्लेख करता है, जिनका नियमित रूप से स्मरण करने से भौतिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की समृद्धि प्राप्त होती है।

लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्रम् क्या है?

“द्वादश” का अर्थ है बारह, और “नाम स्तोत्रम्” का अर्थ है नामों का स्तुति-पाठ
यह स्तोत्र माँ लक्ष्मी के बारह नामों की महिमा का वर्णन करता है, और यह बताया गया है कि यदि भक्त इन नामों का नियमित रूप से स्मरण करता है, तो वह दरिद्रता, दुःख और दुर्भाग्य से मुक्ति प्राप्त करता है।

Lakshmi Dwadasha Nama Stotram

श्रीः पद्मा कमला मुकुन्दमहिषी लक्ष्मीस्त्रिलोकेश्वरी
मा क्षीराब्धिसुता विरिञ्चिजननी विद्या सरोजासना।
सर्वाभीष्टफलप्रदेति सततं नामानि ये द्वादश
प्रातः शुद्धतराः पठन्त्यभिमतान् सर्वान् लभन्ते शुभान्।

shreeh padmaa kamalaa mukundamahishee lakshmeestrilokeshvaree
maa ksheeraabdhisutaa virinchijananee vidyaa sarojaasanaa.
sarvaabheesht’aphalapradeti satatam naamaani ye dvaadasha
praatah’ shuddhataraah’ pat’hantyabhimataan sarvaan labhante shubhaan.

माँ लक्ष्मी के 12 दिव्य नाम:

  1. प्रग्लाभा – आत्मविश्वास और तेज देने वाली
  2. महास्रेयः प्रदायिनी – महान मंगल और कल्याण देने वाली
  3. स्त्रीस्वरूपिणी – स्त्रीत्व की आदर्श स्वरूपा
  4. पुण्यरूपिणी – पुण्य का साक्षात रूप
  5. प्रसन्नवदना – प्रसन्न और सौम्य मुख वाली
  6. शुभप्रदायिनी – शुभता प्रदान करने वाली
  7. क्षेमकरी – रक्षा और सुरक्षा प्रदान करने वाली
  8. सौभाग्यदायिनी – सौभाग्य और समृद्धि की दाता
  9. कनकवर्णा – स्वर्ण जैसी कांति वाली
  10. शान्ता – शांत और निर्मल स्वभाव वाली
  11. सत्त्वमयीमुख्या – सात्त्विक गुणों की प्रमुख
  12. ब्रह्मरूपिणी – ब्रह्मस्वरूपा, पूर्ण चेतना की अधिष्ठात्री

लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्रम् के लाभ

  1. दरिद्रता नाशक – जिनके जीवन में धन का अभाव है, उन्हें यह स्तोत्र अत्यंत लाभ देता है।
  2. सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि – व्यापार, नौकरी, विवाह, जीवनसाथी के सौभाग्य हेतु अत्यंत फलदायक।
  3. शांति और संतुलन – मानसिक तनाव और चिंता को दूर करने में सहायक।
  4. भक्ति और वैराग्य का विकास – आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी उपयोगी।
  5. घर में लक्ष्मी का स्थायी वास – घर के वातावरण को पवित्र और सकारात्मक बनाता है।

पिछला लेख
अगला लेख

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!