By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > दुर्गा स्तोत्र > श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्
दुर्गा स्तोत्रस्तोत्र

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 25, 2026 3:36 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 25, 2026
Share
SHARE

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्(Durga Pancharatnam Stotram)अद्वैत वेदांत के प्रख्यात आचार्य आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। यह स्तोत्र माता दुर्गा की महिमा का वर्णन करता है और उनकी कृपा से भक्त के जीवन में आने वाले कष्टों और विघ्नों का निवारण करता है। इसमें पाँच श्लोक हैं, जो देवी दुर्गा की अद्वितीयता, सौंदर्य, शक्ति और करुणा का गुणगान करते हैं।

Contents
  • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्
  • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ करने के लाभ
  • पाठ की विधि
  • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्
  • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न
    • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् क्या है?
    • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
    • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
    • क्या श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ सभी कर सकते हैं?
    • श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है?

आदि शंकराचार्य ने इस स्तोत्र की रचना देवी दुर्गा की कृपा और शक्ति का अनुभव कर भक्तों के लिए मार्गदर्शन स्वरूप की। यह स्तोत्र भक्त के भीतर श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ करने के लाभ

  1. आध्यात्मिक लाभ: यह स्तोत्र पाठ भक्त के मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करता है।
  2. भय और कष्टों का नाश: यह पाठ सभी प्रकार के भय, रोग और दु:ख को दूर करता है।
  3. शांति और समृद्धि: देवी की कृपा से जीवन में सुख-शांति और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
  4. सिद्धि और मोक्ष: यह स्तोत्र पाठ आध्यात्मिक जागृति लाता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।

पाठ की विधि

  • प्रातःकाल या सायंकाल के समय शुद्ध मन और स्थान में इस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  • पाठ से पहले माँ दुर्गा के चित्र या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं और पुष्प अर्पित करें।
  • श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पाँचों श्लोकों का उच्चारण करें।

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्

ते ध्यानयोगानुगताः अपश्यन्
त्वामेव देवीं स्वगुणैर्निगूढाम्।
त्वमेव शक्तिः परमेश्वरस्य
मां पाहि सर्वेश्वरि मोक्षदात्रि।

देवात्मशक्तिः श्रुतिवाक्यगीता
महर्षिलोकस्य पुरः प्रसन्ना।
गुहा परं व्योम सतः प्रतिष्ठा
मां पाहि सर्वेश्वरि मोक्षदात्रि।

परास्य शक्तिर्विविधा श्रुता या
श्वेताश्ववाक्योदितदेवि दुर्गे।
स्वाभाविकी ज्ञानबलक्रिया ते
मां पाहि सर्वेश्वरि मोक्षदात्रि।
देवात्मशब्देन शिवात्मभूता
यत्कूर्मवायव्यवचोविवृत्या।
त्वं पाशविच्छेदकरी प्रसिद्धा
मां पाहि सर्वेश्वरि मोक्षदात्रि।
त्वं ब्रह्मपुच्छा विविधा मयूरी
ब्रह्मप्रतिष्ठास्युपदिष्टगीता ।
ज्ञानस्वरूपात्मतयाखिलानां
मां पाहि सर्वेश्वरि मोक्षदात्रि।

श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् क्या है?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003eu003cbru003eश्री दुर्गा पञ्चरत्नम् देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन करने वाला एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। यह पाँच श्लोकों में माँ दुर्गा की स्तुति करता है और उनकी शक्तियों, गुणों और कृपा को प्रकट करता है। इसे पढ़ने से व्यक्ति में आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है और शत्रुओं से रक्षा मिलती है।

  2. श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003eu003cbru003eश्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ प्रातःकाल या संध्या के समय शांत वातावरण में करना श्रेष्ठ माना जाता है। पाठ करते समय माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने दीप जलाकर और ताजे फूल अर्पित करके इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ना चाहिए। नवरात्रि और अष्टमी के दिनों में इसका विशेष महत्व है।

  3. श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ करने से क्या लाभ होता है?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003eu003cbru003eइसका पाठ करने से मन को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। माँ दुर्गा की कृपा से व्यक्ति को भय, शत्रु, और मानसिक अशांति से मुक्ति मिलती है। यह आत्मबल को बढ़ाता है और कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होता है।

  4. क्या श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ सभी कर सकते हैं?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003eu003cbru003eहाँ, श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् का पाठ कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इसे करने के लिए किसी विशेष अनुष्ठान या तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। जो व्यक्ति माँ दुर्गा के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखते हैं, वे इस स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं।

  5. श्री दुर्गा पञ्चरत्नम् कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003eu003cbru003eश्री दुर्गा पञ्चरत्नम् किसी भी धार्मिक पुस्तक की दुकान से प्राप्त किया जा सकता है। यह इंटरनेट पर भी विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है। इसके अलावा, कई भक्ति ऐप्स और वेबसाइट्स पर इसका पाठ और अर्थ दोनों उपलब्ध हैं।

विष्णुकृतं गणेश स्तोत्रम्
शारदा भुजंगम
गुरु ग्रह स्तोत्रम्
लघु राघवेन्द्र स्तोत्र
रुद्राष्टकम्
TAGGED:Durga Pancharatnam Stotram
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
नदी स्तोत्रस्तोत्र

गोमती स्तुति

Sanatani
Sanatani
जनवरी 26, 2026
गंगा मंगल स्तोत्रम्
मीनाक्षी स्तुति
ऊधौ सो मनमोहन रूप
ऋणहर गणेश स्तोत्रम्

Categories

Reading: श्री दुर्गा पञ्चरत्नम्
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?