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SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भजन > कृष्ण भजन > अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे 
कृष्ण भजनभजन

अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे 

Sanatani
Last updated: जनवरी 22, 2026 7:40 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 22, 2026
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अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे – राग मालश्री – ताल तिताला

अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे ।

कृष्ण कृष्ण कहि कहिके जगमें साधु समागम कीजे ॥

कृष्ण-नामकी माला है.के कृष्ण-नाम चित दीजे ।

कृष्ण-नाम अमृत रस रसना तृपावंत हो पीजे ॥

कृष्ण-नाम है सार जगतमें कृष्ण हेतु तन छीजे ।

रूपकुंवरि घरि ध्यान कृष्णको कृष्ण कृष्ण कहि लीजे ॥

 

Contents
  • अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे – राग मालश्री – ताल तिताला
  • Ann Man Krishna Krishna Kahi Lije – Raag Malashri – Taal Titala

Ann Man Krishna Krishna Kahi Lije – Raag Malashri – Taal Titala

Ann Man Krishna Krishna Kahi Lije .

Krishna Krishna Kahi Kahike Jagmen Sadhu Samagam Kije ॥

Krishna-Namki Mala Hai.K Krishna-Naam Chit Dije.

Krishna-Nam Amrit Ras Rasna Tripavant Ho Pj ॥

Krishna-Naam Hai Sar Jagatmen Krishna Hetu Tan Chije.

Rupakunvari Ghari Dhyan Krishnako Krishna Krishna Kahi Lije ॥

अरे मन नू कछु सोच बिचार
साधन नाम सम नहि आन
चहौं बस एक यही श्रीराम 
भूल जगके विषयनकों जप मन हरिको नाम
तजो रे मन झूठे सुखकी आसा
TAGGED:ताल तिताला ( Taal Titala )राग मालश्री ( Raag Malashri )रानी रूपकुँवरिजी ( Rani Rupkuvarji )
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