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अष्टकम्दुर्गा स्तोत्र

श्री दुर्गाष्टकम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 2, 2026 7:52 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 2, 2026
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Durga Ashtakam In Hindi

दुर्गाष्टकम् देवी दुर्गा की स्तुति में रचित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इसे आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है। दुर्गाष्टकम् में देवी दुर्गा की महिमा, उनके रूप, शक्ति और कृपा का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को भय, रोग, कष्ट और संकटों से मुक्ति मिलती है।

Contents
  • Durga Ashtakam In Hindi
  • श्री दुर्गाष्टकम्
  • दुर्गाष्टकम् का महत्त्व
  • दुर्गाष्टकम् का पाठ और फल
  • दुर्गाष्टकम् का पाठ करने के लाभ
  • दुर्गाष्टकम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
    • दुर्गाष्टकम् क्या है?
    • दुर्गाष्टकम् का महत्व क्या है?
    • क्या दुर्गाष्टकम् का पाठ करने के विशेष नियम हैं?u003cbru003e
    • दुर्गाष्टकम् का पाठ किस समय करना चाहिए?

श्री दुर्गाष्टकम्

वन्दे निर्बाधकरुणामरुणां शरणावनीम्।
कामपूर्णजकाराद्यश्रीपीठान्तर्निवासिनीम्।
प्रसिद्धां परमेशानीं नानातनुषु जाग्रतीम्।
अद्वयानन्दसन्दोहमालिनीं श्रेयसे श्रये।
जाग्रत्स्वप्नसुषुप्त्यादौ प्रतिव्यक्ति विलक्षणाम्।
सेवे सैरिभसम्मर्दरक्षणेषु कृतक्षणाम्।
तत्तत्कालसमुद्भूतरामकृष्णादिसेविताम्।
एकधा दशधा क्वापि बहुधा शक्तिमाश्रये।
स्तवीमि परमेशानीं महेश्वरकुटुम्बिनीम्।
सुदक्षिणामन्नपूर्णां लम्बोदरपयस्विनीम्।
मेधासाम्राज्यदीक्षादिवीक्षारोहस्वरूपिकाम्।
तामालम्बे शिवालम्बां प्रसादरूपिकाम्।
अवामा वामभागेषु दक्षिणेष्वपि दक्षिणा।
अद्वयापि द्वयाकारा हृदयाम्भोजगावतात्।
मन्त्रभावनया दीप्तामवर्णां वर्णरूपिणीम्।
परां कन्दलिकां ध्यायन् प्रसादमधिगच्छति।

दुर्गाष्टकम् का महत्त्व

दुर्गाष्टकम् का पाठ भक्तों को देवी दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और उनसे कृपा प्राप्त करने का माध्यम है। माना जाता है कि इसका नियमित पाठ करने से मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से नवरात्रि और अन्य पर्वों पर पढ़ा जाता है।

दुर्गाष्टकम् का पाठ और फल

दुर्गाष्टकम् का पाठ श्रद्धा और भक्ति भाव से किया जाना चाहिए। इसे प्रातःकाल में, स्वच्छ स्थान पर बैठकर या मंदिर में देवी दुर्गा के समक्ष किया जाता है। इसका पाठ करने से मन शांत होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

दुर्गाष्टकम् का पाठ करने के लाभ

  • भय से मुक्ति मिलती है।
  • शत्रुओं का नाश होता है।
  • रोग और संकट दूर होते हैं।
  • मन और आत्मा को शांति मिलती है।
  • भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

दुर्गाष्टकम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. दुर्गाष्टकम् क्या है?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003e दुर्गाष्टकम् एक प्रसिद्ध भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो देवी दुर्गा की आठ श्लोकों में स्तुति करता है। इसे भगवान राम के भक्त ‘तुलसीदास’ जी द्वारा लिखा गया है और इसे दुर्गा पूजा और नवरात्रि में विशेष रूप से पढ़ा जाता है।

  2. दुर्गाष्टकम् का महत्व क्या है?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003e दुर्गाष्टकम् का अपार महत्व है क्योंकि यह देवी दुर्गा की शक्ति और महिमा का बखान करता है। इसे पढ़ने से श्रद्धालु को मानसिक शांति, शक्ति, और भक्ति की अनुभूति होती है। इसे संकट के समय में संकटमोचन के रूप में भी माना जाता है।

  3. क्या दुर्गाष्टकम् का पाठ करने के विशेष नियम हैं?u003cbru003e

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003e हाँ, दुर्गाष्टकम् का पाठ करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए, जैसे कि स्वच्छता का ध्यान रखना, एकाग्रता से ध्यान लगाना और श्रद्धा के साथ पाठ करना। इसे नवरात्रि और अन्य शुभ अवसरों पर पढ़ने की विशेष अनुष्ठानिक विधियाँ भी होती हैं।

  4. दुर्गाष्टकम् का पाठ किस समय करना चाहिए?

    u003cstrongu003eउत्तर:u003c/strongu003e दुर्गाष्टकम् का पाठ सुबह के समय या सूर्यास्त के समय करना शुभ माना जाता है। विशेषकर नवरात्रि में इसकी नियमित पाठ और आराधना करने की परंपरा है।

भूतनाथ अष्टकम्
गोकुलनायक अष्टकम
सुरेश्वरी स्तुति
दुर्गा शरणागति स्तोत्रम्
राजराजेश्वरी स्तोत्रम्
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