By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: श्री राणीसती की आरती
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > आरती > श्री राणीसती की आरती
आरती

श्री राणीसती की आरती

Sanatani
Last updated: जनवरी 21, 2026 6:47 अपराह्न
Sanatani
Published: अक्टूबर 5, 2024
Share
SHARE

श्री राणीसती की आरती

श्री राणीसती की आरती राजस्थान और भारत के कई हिस्सों में बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ गाई जाती है। श्री राणीसती देवी को शक्ति और साहस की प्रतीक माना जाता है, और उनकी पूजा में आरती का विशेष महत्व है। आरती उस समय गाई जाती है जब भक्त देवी की स्तुति करते हुए उन्हें दीपक दिखाते हैं, यह एक बहुत ही शुभ और भक्तिपूर्ण कार्य होता है।

Contents
  • श्री राणीसती की आरती
    • श्री राणीसती की कथा
    • श्री राणीसती की आरती का महत्व: Importance of Shri Ranisati Aarti:
    • आरती के दौरान सावधानियाँ:
  • श्री राणीसती की आरती

श्री राणीसती की कथा

राणीसती, जिन्हें नारायणी देवी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय इतिहास में सती प्रथा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण देवी हैं। उनकी कथा के अनुसार, नारायणी देवी ने अपने पति के निधन के बाद सती हो जाने का संकल्प लिया था। उनके अद्वितीय साहस और भक्ति के कारण उन्हें देवी का दर्जा प्राप्त हुआ, और उनकी पूजा खासकर मारवाड़ी और राजस्थान की जनजातियों में विशेष रूप से की जाती है।

श्री राणीसती की आरती का महत्व: Importance of Shri Ranisati Aarti:

आरती भगवान या देवी की पूजा का अंतिम और सबसे शुभ अंग माना जाता है। इसमें भक्त दीपक जलाकर देवी की स्तुति करते हैं और उन्हें अपनी श्रद्धा और भक्ति अर्पित करते हैं। आरती के समय भजन, शंख, घंटियां और ढोलक बजाए जाते हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो जाता है।

श्री राणीसती की आरती पूजा के अंतिम चरण में की जाती है। यह दीपक जलाकर देवी की प्रतिमा या फोटो के सामने घुमाते हुए की जाती है। आरती के समय शंख, घंटियां और शास्त्रीय संगीत वाद्ययंत्र बजाए जाते हैं, जो वातावरण को पवित्र और भक्तिपूर्ण बनाते हैं।

  1. दीपक प्रज्वलित करना: आरती के समय पंचमुखी दीपक या एकल दीपक का प्रयोग होता है। इसे घी या तेल से जलाया जाता है।
  2. फूल चढ़ाना: आरती के साथ-साथ देवी को फूल चढ़ाए जाते हैं।
  3. शंख बजाना: शंख बजाने से पूजा स्थल की ऊर्जा सकारात्मक होती है।
  4. घंटियां बजाना: आरती के समय भक्त घंटियां बजाकर देवी की स्तुति करते हैं।
  5. प्रसाद वितरण: आरती समाप्त होने के बाद प्रसाद का वितरण होता है, जिसे सभी भक्त ग्रहण करते हैं।

आरती के दौरान सावधानियाँ:

  • आरती करते समय ध्यान और एकाग्रता जरूरी है।
  • सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
  • आरती के समय मोबाइल या अन्य विचलित करने वाली चीजों से दूर रहना चाहिए।

राणीसती मंदिर झुंझुनू, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर राणीसती की भक्ति का प्रमुख केंद्र है, और यहाँ हर साल हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम आरती होती है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं।

श्री राणीसती की आरती

जय श्री राणी सती मैया, जय जगदम्ब सती जी।
अपने भक्तजनों की दूर करो विपती ॥ जय.

अपनि अनन्तर ज्योति अखण्डित मंडित चहुँककुंभा।
दुरजन दलन खडग की, विद्युतसम प्रतिभा ॥ जय.

मरकत मणि मन्दिर अति मंजुल, शोभा लखि न बड़े ।
ललित ध्वजा चहुँ ओर, कंचन कलश धरे ॥ जय.

घण्टा घनन घड़ावल बाजत, शंख मृदंग घुरे।
किन्नर गायन करते, वेद ध्वनि उचरे ॥ जय.

संप्त मातृका करें आरती, सुरगम ध्यान धरे ।
विविध प्रकार के व्यंजन, श्री फल भेंट धरे ॥ जय.

संकट विकट विदारणी, नाशनी हो कुमति।
सेवक जन हृदय पटले, मृदुल करन सुमति ॥ जय.

अमल कमल दल लोचनी, मोचनी त्रय तापा।
दास आयो शरण आपकी, लाज रखो माता ॥ जय.

श्री राणीसती मैयाजी की आरती, जो कोई नर गावे।
सदनसिद्धि नवनिधि, मनवांछित फल पावे ॥ जय.

 

ललिता माता की आरती
शनि देव आरती
गायत्री माता आरती
बाबा गंगाराम आरती
आरती श्री कृष्ण जी की
TAGGED:Rani Sati Aarti in Hindi TextRani Sati Aarti Lyrics Hindi EnglishRani Sati Aarti MP3 DownloadRani Sati Dadi Aarti Lyrics HindiRani Sati Dadi Ji Ki AartiRani Sati Dadi Puja Vidhi AartiRani Sati Mata Aarti PDF DownloadRani Sati Mata Bhajan AartiRani Sati Temple Jhunjhunu AartiShri Rani Sati Aarti
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
चालीसा

श्री गोरख चालीसा

Sanatani
Sanatani
जनवरी 22, 2026
नटराज स्तोत्रम्
कटासराज मंदिर – पाकिस्तान में स्थित एक प्रमुख हिन्दू मंदिर (Katashraj Temple – Pakistan)
धन्य धन्य ब्रजकी नर नारी – Dhany Dhany Brajake Nar Nari
श्री सूक्तम् (ऋग्वेद) 

Categories

Reading: श्री राणीसती की आरती
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?