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भजनविष्णु भजन

जागह ब्रजराज लाल मोर मुकुटबारे

Sanatani
Last updated: जनवरी 23, 2026 7:32 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 23, 2026
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जागह ब्रजराज लाल मोर मुकुटबारे ( प्रभाती – राग प्रभाती – ताल दादरा )

जागह ब्रजराज लाल मोर मुकुटबारे ।

Contents
  • जागह ब्रजराज लाल मोर मुकुटबारे ( प्रभाती – राग प्रभाती – ताल दादरा )
  • Jaagah Brajaraaj Laal Mor Mukutabaare Lyrics English

पक्षी ध्वनि करहिं शोर अरुण वरुण भानु भोर नवल कमल फूल रहे भौरा गुनजारे ।।

भक्तनके सुने बयन जागे करुणाके अयन पूजी मन कामधेनु पृथ्वी पशु धारे ।

करके सुस्नान ध्यान पूजन पूरण विधान बिप्रनको दियौ दान नंदके दुलारे ॥

ग्वाल बाल टेर टेर दुहरी लीन्ही नवेर बछरा दीन्हें उबेर दूध दुहत सारे ।

करके भोजन गुपाल गैयन सँग भये ग्वाल बंशीबट तीर गये यमुना किनारे ॥

मुरली कर लकुट हाथ बिहरत गोपिनके साथ नटवर सब बेष किये यशुमतिके पियारे ।

हौं तो मैं शरण नाथ त्रिनवति धरि चरण माथ रूपकुंवरि दरश हेतु शरण है तिहारे ।।

Jaagah Brajaraaj Laal Mor Mukutabaare Lyrics English

Jaagah Brajaraaj Laal Mor Mukutabaare .

Pakshee Dhvani Karahin Shor Arun Varun Bhaanu Bhor Naval Kamal Phool Rahe Bhaura Gunajaare ..

Bhaktanake Sune Bayan Jaage Karunaake Ayan Poojee Man Kaamadhenu Prthvee Pashu Dhaare .

Karake Susnaan Dhyaan Poojan Pooran Vidhaan Bipranako Diyau Daan Nandake Dulaare .

Gvaal Baal Ter Ter Duharee Leenhee Naver Bachhara Deenhen Uber Doodh Duhat Saare .

Karake Bhojan Gupaal Gaiyan Sang Bhaye Gvaal Bansheebat Teer Gaye Yamuna Kinaare .

Muralee Kar Lakut Haath Biharat Gopinake Saath Natavar Sab Besh Kiye Yashumatike Piyaare .

Haun to Main Sharan Naath Trinavati Dhari Charan Maath Roopakunvari Darash Hetu Sharan Hai Tihaare ..

ज्यों ज्यों मैं पीछे हटता हूँ त्यों त्यों तुम आगे आते
बहु जुग बहुत जानि फिरि हारो
अन्न मन कृष्ण कृष्ण कहि लीजे 
तजो रे मन झूठे सुखकी आसा
बिलावल तान्न तेघरा मन तुम मलिनता तजि देहु
TAGGED:ताल दादरा ( Taal Daadara )राग प्रभाती ( Raag Prabhaatee )रानी रूपकुँवरिजी ( Rani Rupkuvarji )
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