गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् अग्रे कुरूणामथ पाण्डवानां दुःशासनेनाहृतवस्त्रकेशा ।कृष्णा तदाक्रोशदनन्यनाथा गोविन्ददामोदर माधवेति ॥१॥…
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