By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: नाचत गौर प्रेम अधीर – Nachat Gaur Prem Adher
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भजन > विष्णु भजन > नाचत गौर प्रेम अधीर – Nachat Gaur Prem Adher
भजनविष्णु भजन

नाचत गौर प्रेम अधीर – Nachat Gaur Prem Adher

Sanatani
Last updated: जनवरी 24, 2026 4:47 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 24, 2026
Share
SHARE

नाचत गौर प्रेम अधीर – Nachat Gaur Prem Adher

नाचत गौर प्रेम-अधीर ।

भूलि सुधि इरि-नाम टेरत, बहत नैननि नीर ।।

पान करि सुचि प्रेम-अमृत, मत्त पुर्लाकत अंग ।

भगत-गन नाचत सकल मिलि बजत ताल मृदंग ।।

परम पावन नामकी धुनि, गूँजती आकास ।

बिपुल अघ संसारके पल माहिं होत बिनास ।।

नारायणं हृषीकेशं गोविन्दं गरुडध्वजम्
मिलने को प्रियतम से जिसके प्राण कर रहे हाहाकार
राम नाम मेरे मन बसियो
एक लालसा मनमहँ धारौं
श्याम छबिपर मैं वारी वारी – Shyam Chhabipar Main Vari Vari
TAGGED:राग आसावरी ( Raag Aasaavaree )श्री विष्णु चरण वन्दन ( Shree Vishnu Charan Vandan )श्री विष्णु भजन ( Shree Vishnu Bhajan )
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
आरती

गुरु रविदास आरती

Sanatani
Sanatani
जनवरी 20, 2026
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्‌
यजुर्वेद संहिता हिंदी
मां नर्मदाजी की आरती
दृग तुम चपलता तजि देहु
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?