35.7 C
Gujarat
रविवार, मार्च 8, 2026

बिदुर घर स्याम पाहुने आये | Bidur Ghar Syaam Paahune Aaye

Post Date:

बिदुर घर स्याम पाहुने आये लीरिक्स

Bidur Ghar Syaam Paahune Aaye Lyrics

बिदुर घर स्याम पाहुने आये ।

नख-सिख दचिररूप मनमोहन, कोटि मदन छबि छाये ॥

बिदुर न हुते घरहिमें तेहि छिन, स्याम पुकारन लागे ।

बिदुर-घरनि नहाति उठि घाई, नैन प्रेमरस पागे ॥

भूली बसन न्हात रहि जेहि थल, तनु सुधि सकल भुलाई ।

बोलति अटपट बचन प्रेमबस, कदरी-फल ले आई ॥

छीलत डारत गूदौ इत-उत, छिलका स्याम खवावै ।

बारहिं बार स्वाद कहि-कहि हरि, प्रमुदित भोग लगावै ॥

तनिक बेर महँ हरि-गुन गावत, बिदुर घरहिं जब आये ।

देखि दरस सो कहत, ‘अहह ! तै छिलका स्याम खवाये ॥

करतें केरा झटकि बिदुर घरनी घरमाहिं पठाई ।

तनु सुधि पाइ सलाज ससंकित, बसन पहिरि चलि आई ॥

बिदुर प्रेमजुत छीलि छीलिकै, केरा हरिहिं खवावै ।

कहत स्याम वह सरस मनोहर स्वाद न इनमइँ आवै ॥

भूखो सदा प्रेमको डोलू भगत जनन गृह जाऊँ।

पाइ प्रेमजुत अमिय पदारथ, खात न कबहुँ अधाऊँ ।।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!