By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: श्री महादेवकृत राम स्तोत्रम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > राम स्तोत्र > श्री महादेवकृत राम स्तोत्रम्
स्तोत्रराम स्तोत्र

श्री महादेवकृत राम स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: मार्च 21, 2026 6:44 अपराह्न
Sanatani
Published: मार्च 21, 2026
Share
SHARE

श्री महादेवकृत राम स्तोत्रम्

 

श्रीमहादेव उवाचः ।
नमोऽस्तु रामाय सशक्तिकाय नीलोत्पलश्यामलकोमलाय ।
किरीटहाराङ्गदभूषणाय सिंहासनस्थाय महाप्रभाय ॥१॥

त्वमादिमध्यान्तविहीन एकः सृजस्यवस्यत्सि च लोकजातम् ।
स्वमायया तेन न लिप्यसे त्वं यत्स्वे मुखेऽजस्ररतोऽनवद्यः ॥२॥

लीलां विधत्से गुणसंवृतस्त्वं प्रपन्नभक्तानुविधानहेतोः ।
नानावतारैः सुरमानुषाद्यैः प्रतीयसे ज्ञानिभिरेव नित्यम् ॥३॥

स्वांशेन लोकं सकलं विधाय तं बिभर्षि च त्वं तदधः फणीश्वरः ।
उपर्यधो भान्वनिलोडुपौषधीप्रवर्षरूपोऽवसि नैकधा जगत् ॥४॥

त्वमिह देहभृतां शिखिरूपः पचसि भक्तमशेषमजस्रम् ।
पवनमञ्चकरूपसहायो जगदखण्डमनेन बिभर्षि ॥५॥

चन्द्रसूर्यशिखिमध्यगतं यत्तेज ईश चिदशेषतनूनाम् ।
प्राभवत्तनुभृतामिह धैर्यं शौर्यमात्रमखिलं तव सत्त्वम् ॥६॥

त्वं विरिञ्चिशिवविष्णुविभेदात् कालकर्मशशिसूर्यविभागात् ।
वादिनां पृथगिवेश बिभासि ब्रह्म निश्चितमनन्यदिहैकम् ॥७॥

मत्स्यादिरूपेण यथा त्वमेकः श्रुतो पुराणेषु च लोकसिद्धः ।
तथैव सर्वं सदयद्विभागस्त्वमेव नान्यद्भवतो विभाति ॥८॥

यद्यत्समुत्पन्नमनन्तसृष्टावुत्पत्स्यते यच्च भवच्च यच्च ।
न दृश्यते स्थावरजङ्गमादौ त्वया विनाऽतः परतः परस्त्वम् ॥९॥

तत्वं न जानन्ति परात्मनस्ते जनः समस्तास्तव माययाऽतः ।
त्वद्भक्तसेवामलमानसानां विभाति तत्वं परमेकमैशम् ॥१०॥

ब्रह्मादयस्ते न विदुः स्वरूपं चिदात्मतत्वं बहिरर्थभावाः ।
ततो बुधस्त्वामिदमेव रूपं भक्त्या भजन्मुक्तिमुपैत्यदुःखः ॥११॥

अहं भवन्नामगुणैः कृतार्थो वसामि काश्यामनिशं भवान्या ।
मुमूर्षमाणस्य विमुक्तयेऽहं दिशामि मन्त्रं तव रामनाम ॥१२॥

इमं स्तवं नित्यमनन्यभक्त्या श्रृण्वन्ति गायन्ति लिखन्ति ये वै ।
ते सर्वसौख्यं परमं च लब्धा भवत्पदं यान्तु भवत्प्रसादात् ॥१३॥

॥ इति श्रीमदध्यात्मरामायणे श्रीमहादेवकृतं रामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

तिरुप्पावै
उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम्
किरातमूर्तिस्तोत्रम्
ॐ जय जगदीश हरे आरती
ललिता हृदय स्तोत्रम्
TAGGED:Ram Stotram
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
श्री गणेश स्तोत्रस्तोत्र

श्री गणेश स्तोत्र नारद उवाच

Sanatani
Sanatani
जनवरी 29, 2026
धनलक्ष्मी स्तोत्रम्
नरसिंह स्तव
सीता रामस्तोत्र
सिद्धिलक्ष्मी स्तोत्रम्

Categories

Reading: श्री महादेवकृत राम स्तोत्रम्
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?