By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > शिव स्तोत्र > उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम्
शिव स्तोत्रस्तोत्र

उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 29, 2026 5:21 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 29, 2026
Share
SHARE

उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम् – Upamanyu Krit Shiva Stotram

जय शंकर पार्वतीपते मृडशम्भो शशिखण्डमण्डन! ।
मदनान्तक भक्तवत्सल! प्रियकैलास दयासुधांबुधे! ॥१॥


सदुपायकथास्वपण्डितो हृदये दुःखशरेण खण्डितः ।
शशिखण्डशिखण्डमण्डनं शरणं यामि शरण्यमीश्वरम् ॥२॥


महतः परितःप्रसर्पतः तमसो दर्शनभेदिनो भिदे ।
दिननाथ इव स्वतेजसा हृदयव्योम्नि मनागुदेहि नः ॥३॥


न वयं तव चर्मचक्षुषा पदवीमप्युपवीक्षितुं क्षमाः ।
कृपयाऽभयदेन चक्षुषा सकलेनेश विलोकयाशु माम् ॥४॥


त्वदनुस्मृतिरेव पावनी स्तुतियुक्ता न हि वाक्तुमीश सा ।
मधुरं हि पयः स्वभावतो ननु कीदृक् सितशर्करयान्वितम् ॥५॥


सविषोप्यमृतायते भवान् शवमुण्डाभरणोऽपि पावनः ।
भव एव भवान्तकस्सतां समदृष्टिर्विषमेक्षणॊपि सन् ॥६॥


अपि शूलधरो निरामयो दृढवैराग्यधरोऽपि रागवान् ।
अपि भैक्षचरो महेश्वरश्चरितं चित्रमिदं हि ते प्रभो ॥७॥


वितरत्यभिवाञ्छितं दृशा परिदृष्टः किल कल्पपादपः ।
हृदये स्मृत एव धीयते नमतेऽभिष्टफलप्रदो भवान् ॥८॥

सहसैव भुजंगपाशवान् विनिगृह्णाति न यावदन्तकः ।
अभयं कुत तावदाशु मे गतजीवस्य पुनः किमौषधैः ॥९॥


सविषैरिव भीमपन्नगैर्विषयैरेभिरलं परिक्षतं ।
अमृतैरिव संभ्रमेण मामभिषिञ्चाशु दयावलोकनैः ॥१०॥


मुनयो बहवोऽत्र धन्यतां गमिता स्वाभिमतार्थदर्शिनः ।
करुणाकर येन तेन मामवसन्नं ननु पश्य चक्षुषा ॥११॥


प्रणमाम्यथ यामि चापरं शरणं कं कृपणाभयप्रदम् ।
विरहीव विभो प्रियामयं परिपश्यामि भवन्मयं जगत् ॥१२॥


बहवो भवतानुकंपिताः किमितीशान न मानुकंपसे ।
दधता किमु मन्दराचलं परमाणुः कमठेन दुर्धरः ॥१३॥


अशुचिर्यदिमाऽनुमन्यसे किमिदं मूर्ध्नि कपालदाम ते ।
उत शाठ्यमसाधुसंगिनं विषलक्ष्मासि न किं द्विजिह्वधृक् ॥१४॥


क्व दृशं विदधामि किं करोम्यनुतिष्ठामि कथं भयाकुलः ।
क्वनु तिष्ठसि रक्षरक्षमामयि शम्भो शरणागतोऽस्मि ते ॥१५॥


विलुठाम्यवनौ किमाकुलः किमुरोहन्मि शिरः छिनद्मि वा ।
किमु रोदिमि रारटीमि किं कृपणं मां न यदीक्षसे प्रभो ॥१६॥

शिव सर्वग शिव शर्मद प्रणतो देव दयां कुरुष्व मे ।
नम ईश्वर नाथ दिक्पते पुनरेवेश नमो नमोऽस्तु ते ॥१७॥


शरणं तरुणेन्दुशेखर शरणं मे गिरिराजकन्यका ।
शरणं पुनरेव तावुभौ शरणं नान्यदवैमि दैवतम् ॥१८॥


उपमन्युकृतं स्तवोत्तमं जपतश्शंभुसमीपवर्तिः ।
अभिवाञ्छितभाग्यसंपदः परमायुः प्रददाति शंकरः ॥१९॥

उपमन्युकृतं स्तवोत्तमं प्रजपेद्यस्तु शिवस्य सन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्य सोऽचिरात् सह तेनैव शेवेन मोदते ॥२०॥

 

 

भारती स्तोत्रम
नवग्रह नमस्कार स्तोत्रम्
श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम्
शिव पादादि केशान्तवर्णन स्तोत्रम्
श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्
TAGGED:Shiv Stotra
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
आरती

ब्रह्मा जी की आरती

Sanatani
Sanatani
जनवरी 20, 2026
सूर्य ग्रह स्तोत्रम्
सर्वेष्टप्रदं गजानन स्तोत्रम्
श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्
श्री रामभद्र स्तोत्रम्

Categories

Reading: उपमन्युकृत शिवस्तोत्रम्
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?