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Reading: श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्
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SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > कृष्ण स्तोत्र > श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्
कृष्ण स्तोत्रस्तोत्र

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 25, 2026 2:42 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 25, 2026
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श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्(Krishna Ashraya Stotram) भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक भक्तिमय स्तोत्र है। यह स्तोत्र भक्तों के हृदय में श्रद्धा, भक्ति और विश्वास उत्पन्न करता है। श्रीकृष्ण को अपनी समस्याओं, दुखों और सांसारिक परेशानियों से मुक्ति पाने का माध्यम मानने वाले भक्त इस स्तोत्र का नियमित पाठ करते हैं।

Contents
  • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का महत्व
  • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ कैसे करें?
  • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ करने के लाभ
  • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्
  • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न
    • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् क्या है?
    • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
    • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का महत्व क्या है?
    • क्या श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ सभी कर सकते हैं?
    • श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् के पाठ के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का महत्व

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य रूप, उनके अवतार की महिमा और उनकी कृपा का वर्णन किया गया है। इसमें भक्त भगवान श्रीकृष्ण से अपने जीवन में सुख, शांति, और मार्गदर्शन की याचना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्य के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और वह भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आनंदित हो उठता है।

यह स्तोत्र संस्कृत भाषा में लिखा गया है और यह काव्यात्मक शैली में है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, गुणों और उनके सर्वशक्तिमान स्वरूप का गुणगान किया गया है। स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक में भगवान की शरणागति का उल्लेख है, जिससे पाठक के हृदय में भक्ति और समर्पण की भावना प्रबल होती है।

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ कैसे करें?

  1. पाठ के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना गया है।
  2. पाठ से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  3. भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलित करें।
  4. शांत मन से इस स्तोत्र का पाठ करें।
  5. पाठ के बाद भगवान को फल, मिठाई या तुलसी दल का भोग लगाएं।

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ करने के लाभ

  1. मानसिक शांति और आत्मिक बल मिलता है।
  2. जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है।
  3. भौतिक सुखों के साथ आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  4. भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्

सर्वमार्गेषु नष्टेषु कलौ च खलधर्मिणि।
पाषण्डप्रचुरे लोके कृष्ण एव गतिर्मम।
म्लेच्छाक्रान्तेषु देशेषु पापैकनिलयेषु च।
सत्पीडाव्यग्रलोकेषु कृष्ण एव गतिर्मम।
गङ्गादितीर्थवर्येषु दुष्टैरेवावृतेष्विह।
तिरोहिताधिदैवेषु कृष्ण एव गतिर्मम।
अहङ्कारविमूढेषु सत्सु पापानुवर्तिषु।
लोभपूजार्थलाभेषु कृष्ण एव गतिर्मम।
अपरिज्ञाननष्टेषु मन्त्रेष्वव्रतयोगिषु।
तिरोहितार्थदैवेषु कृष्ण एव गतिर्मम।
नानावादविनष्टेषु सर्वकर्मव्रतादिषु।
पाषण्डैकप्रयत्नेषु कृष्ण एव गतिर्मम।
अजामिलादिदोषाणां नाशकोऽनुभवे स्थितः।
ज्ञापिताखिलमाहात्म्यः कृष्ण एव गतिर्मम।
प्राकृताः सकला देवा गणितानन्दकं बृहत्।
पूर्णानन्दो हरिस्तस्मात्कृष्ण एव गतिर्मम।
विवेकधैर्यभक्त्यादि- रहितस्य विशेषतः।
पापासक्तस्य दीनस्य कृष्ण एव गतिर्मम।
सर्वसामर्थ्यसहितः सर्वत्रैवाखिलार्थकृत्।
शरणस्थसमुद्धारं कृष्णं विज्ञापयाम्यहम्।
कृष्णाश्रयमिदं स्तोत्रं यः पठेत् कृष्णसन्निधौ।
तस्याश्रयो भवेत् कृष्ण इति श्रीवल्लभोऽब्रवीत्।

श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् क्या है?

    श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति के लिए लिखा गया एक पवित्र ग्रंथ है। यह स्तोत्र भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में पूर्ण समर्पण का भाव प्रकट करने और उनसे आध्यात्मिक आश्रय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। इसमें भगवान के गुणों, लीलाओं और दया का वर्णन किया गया है।

  2. श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?

    श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ प्रातःकाल या संध्या के समय शांत मन से करना चाहिए। इसे भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ा जाता है। पाठ से पहले स्नान करना और एक साफ स्थान का चयन करना शुभ माना जाता है।

  3. श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का महत्व क्या है?

    इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। यह जीवन में शांति, समृद्धि और सुख का संचार करता है। इसके माध्यम से भगवान की लीलाओं को स्मरण कर, व्यक्ति अपने मन को शांत और एकाग्र कर सकता है। यह स्तोत्र आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत उपयोगी है।

  4. क्या श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ सभी कर सकते हैं?

    हाँ, श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् का पाठ सभी लोग कर सकते हैं। यह जाति, आयु, लिंग या धर्म से परे है। जो भी व्यक्ति भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रुचि रखता है और उनके चरणों में समर्पण करना चाहता है, वह इस स्तोत्र का पाठ कर सकता है।

  5. श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम् के पाठ के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    पाठ के दौरान मन को भक्ति और श्रद्धा में डुबोना चाहिए। उच्चारण शुद्ध और स्पष्ट होना चाहिए। ध्यान रखें कि पाठ करते समय आस-पास का वातावरण शुद्ध और शांत हो। साथ ही, भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए उनकी लीलाओं और गुणों का स्मरण करना चाहिए।

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