Latest गीतकाव्य News

अरे मन नू कछु सोच बिचार

अरे मन नू कछु सोच बिचार अरे मन, नू कछु सोच-बिचार ।…

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पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती

पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती पुत्र-शोक सन्तप्त कभी…

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नंदसुत चुपकै माखन खात

नंदसुत चुपकै माखन खात नंदसुत चुपकै माखन खात । ठादो चकित चहूँ…

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बिदुर घर स्याम पाहुने आये

बिदुर घर स्याम पाहुने आये बिदुर घर स्याम पाहुने आये । नख-सिख…

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अब तो कुछ भी नहीं सुहावै

अब तो कुछ भी नहीं सुहावै एक तु ही मन भावै है…

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प्रभु बोले मुसुकाई जातें तोरि नाव रहि जावे

प्रभु बोले मुसुकाई जातें तोरि नाव रहि जावे प्रभु बोले मुसुकाई ।…

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देख एक तू ही तू

देख एक तू ही तू ही तू सर्वव्यापक जग तू ही तू…

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सूर्य सोम में वायु व्योम में

सूर्य सोम में वायु व्योम में सलिल धार धरनीमें तुम सूर्य-सोममें, वायु-व्योममें,…

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ऊधौ सो मनमोहन रूप

ऊधौ सो मनमोहन रूप - Udhau so Manamohan Roop ऊधौ ! सो…

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