कविताये और प्राथनाए

जय जयति देवकीनन्दन

जय जयति देवकीनन्दन जय जयति देवकी नंदन, जय २ जय जय दुष्ट निकंदन तुम जगके कर्ताधर्ता,पालक पोषक संहर्ता शुभ लसै…

Sanatani

हे प्रभु तुझारी कीर्ति को गाये ।।

हे प्रभु तुम्हारी कीर्ति को गायें न क्या करें। चरणों में सदा शीश झुकायें न क्यों करें । हे प्रभु०…

Sanatani

प्रार्थना – माया तेरी अपार

माया तेरी अपार माया है तेरी अपार माया पार नहीं कोई पाता है।राई को पर्वत पर्वत को राई देय बनाय…

Sanatani
- Advertisement -
Ad imageAd image
Latest कविताये और प्राथनाए News

भज रघुनन्दन – प्रार्थना

भज रघुनन्दन असुर निकन्दन त्रिभुवन बंदन विश्वपतिम् ।मुनिजन मानस हंस मनोहर सर्वाधार…

Sanatani

मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी…

Sanatani

मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी…

Sanatani

दृष्टी दया की – प्रार्थना

दृष्टी दया की -प्रार्थना Drashti Daya Ki भगवन् दया की दृष्टी टुक…

Sanatani