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सोमवार, मार्च 9, 2026

बन्धुगणो मिल कहो प्रेमसे रघुपति राघव राजाराम Bandhugano Mill Kaho Premse Raghupati Raghav Rajaram

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बन्धुगणो मिल कहो प्रेमसे रघुपति राघव राजाराम

Bandhugano Mill Kaho Premse Raghupati Raghav Rajaram .

बन्धुगणो ! मिल कहो प्रेमसे-

‘रघुपति राघव राजाराम ।’

मुदित चित्तसे घोष करो पुनि-

‘पतीतपावन सीताराम ॥’

जिह्वा-जीवन सफल करो कह-

‘जय रघुनन्दन, जय सियाराम ।’

हृदय खोल बोलो मत चूको-

‘जार्नाकवल्लभ सीताराम ॥’

गौर रुचिर, नवघनश्याम छबि,

‘जय लक्ष्मण, जय जय श्रीराम ।’

अनुगत परम अनुज रघुवरके-

‘भरत-सत्रुहन शोभाधाम ॥’

उभय सखा राघवके प्यारे-

‘कपिपति, लंकापति अभिराम ।’

परम भक्त निष्कामशिरोमणि

‘जय श्रीमारुति पूरणकाम !।’

अति उमंगसे बोलो संतत-

‘रघुपति राघव राजाराम ।’

मुक्तकंठ हो सदा पुकारो-

‘पतीतपावन सीताराम ।।’

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