33.5 C
Gujarat
सोमवार, मार्च 9, 2026

बनहिं बन स्याम चरावत गैया | Banahin Ban Syaam Charavat Gaiya

Post Date:

बनहिं बन स्याम चरावत गैया लीरिक्स

Banahin Ban Syaam Charavat Gaiya

बनहिं बन स्याम चरावत गैया ।

सुभग अंग सुखमाको सागर, कर बिच लकुट धरैया ।

पीत बसन दमकत दामिनि सम, मुरली अधर बजेया ।।

धावत इत उत दाऊके सँग, खेल करत लरिकैयाँ ।

गैयनके पाछे नित भाजत, नंदरायको छैया ॥

धन्य-धन्य वे ब्रजकी धूमरि धौरी कारी गैया ।

जिनहिं पियावत जल जमुना-तट ठाढ़ो आपु कन्हैया ।।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!