By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: ओम जय जगदीश हरे आरती
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > आरती > ओम जय जगदीश हरे आरती
आरती

ओम जय जगदीश हरे आरती

Sanatani
Last updated: जनवरी 20, 2026 8:18 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 20, 2026
Share
SHARE

ओम जय जगदीश हरे आरती Aarti Shree Vishnu Ji Ki

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट छिन में दूर करे ॥ ॐ ॥

जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनशे मनका ।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तनका ॥ ॐ ॥

मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी ॥ ॐ ॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ॐ ॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालन कर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ॥ॐ ॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूँ गोसाई, तुमको मैं कुमति ॥ॐ ॥

दीनबन्धु दुःख हर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ॥ ॐ ॥.

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा ।
श्रद्धाभक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ॥ॐ ॥

पार्वती माता आरती
शिवजी की आरती
आरती श्री वृषभानुसुता की
श्री जाहरवीर गोगाजी की आरती
श्री जगन्नाथ जी की आरती
TAGGED:Hindu devotional aarti songLord Vishnu morning aartiOm Jai Jagdish Hare AartiOm Jai Jagdish Hare aarti downloadOm Jai Jagdish Hare aarti for peaceOm Jai Jagdish Hare aarti meaning in EnglishOm Jai Jagdish Hare full aarti videoOm Jai Jagdish Hare Hindi English lyricsOm Jai Jagdish Hare lyrics in HindiVishnu Aarti Om Jai Jagdish Hare
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
चालीसा

श्री राधा चालीसा

Sanatani
Sanatani
जनवरी 22, 2026
सप्तश्लोकी गीता
Ye Chamak Ye Damak Lyrics
भूतनाथ सुप्रभातम्
महालक्ष्मी सुप्रभातम्

Categories

Reading: ओम जय जगदीश हरे आरती
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?