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Reading: सेठ रामदास जी गुड़वाले
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SanatanWeb.com > Blog > व्यक्तिपरिचय > सेठ रामदास जी गुड़वाले
व्यक्तिपरिचय

सेठ रामदास जी गुड़वाले

Sanatani
Last updated: फ़रवरी 13, 2026 4:38 अपराह्न
Sanatani
Published: अगस्त 15, 2024
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सेठ रामदास जी गुड़वाले: 1857 के भूले-बिसरे महान क्रांतिकारी की सच्ची कहानी

सेठ रामदास जी गुड़वाले कौन थे? (1857 के गुमनाम क्रांतिकारी)

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी, लेकिन इतिहास के पन्नों में उनमें से कई नाम दफन हो गए। सेठ रामदास जी गुड़वाले ऐसे ही एक भूले-बिसरे महान क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 1857 की क्रांति में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

Contents
  • सेठ रामदास जी गुड़वाले: 1857 के भूले-बिसरे महान क्रांतिकारी की सच्ची कहानी
    • सेठ रामदास जी गुड़वाले कौन थे? (1857 के गुमनाम क्रांतिकारी)
    • सेठ रामदास की दौलत: एक किंवदंती
  • 1857 की क्रांति और सेठ रामदास का योगदान
    • मेरठ से दिल्ली तक: क्रांति की चिंगारी
    • बादशाह और सेठ रामदास की मित्रता
  • सेठ रामदास का सर्वस्व त्याग: देशभक्ति की मिसाल
    • करोड़ों की संपत्ति का दान
    • सेना के लिए संसाधन व्यवस्था
  • व्यापारी से क्रांतिकारी: सेठ रामदास का परिवर्तन
    • गुप्तचर तंत्र का निर्माण
    • उत्तर भारत में जासूसी नेटवर्क
    • स्वतंत्रता संग्राम का संदेश
  • अंग्रेजों की चिंता: सेठ रामदास की क्रांतिकारी गतिविधियां
    • अंग्रेज शासन की बढ़ती परेशानी
    • जहरीली शराब की घटना: एक रणनीति
    • अंग्रेजों का निर्णय
  • सेठ रामदास जी की शहादत: क्रूरता की मिसाल
    • धोखे से गिरफ्तारी
    • निर्मम यातना: शिकारी कुत्तों का हमला
  • इतिहास में विलुप्त नायक: सेठ रामदास का भूला हुआ योगदान
    • इतिहासकार ताराचंद का कथन
    • इतिहास के पन्नों से गुम नाम
    • भूले हुए क्रांतिकारियों की सूची
  • सेठ रामदास की शहादत से सबक
    • देशभक्ति का सच्चा अर्थ
    • आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा
  • 1857 की क्रांति: एक व्यापक दृष्टिकोण
    • प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक
    • मेरठ से दिल्ली तक की यात्रा
  • अंग्रेजी शासन की क्रूरता: ऐतिहासिक तथ्य
    • क्रांतिकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार
    • ब्रिटिश साम्राज्य का दमन चक्र
  • चांदनी चौक: इतिहास का गवाह
    • दिल्ली की ऐतिहासिक सड़क
    • कोतवाली के सामने फांसी
  • सेठ रामदास का योगदान: संख्या में
    • आर्थिक योगदान
    • संगठनात्मक योगदान
  • भारतीय इतिहास में उपेक्षित नायक
    • पाठ्यपुस्तकों में अनुपस्थिति
    • इतिहास को फिर से लिखने की जरूरत
  • सेठ रामदास की विरासत
    • अग्रवाल समाज का गौरव
    • दिल्ली का इतिहास
  • क्या हम ऋणी हैं?
    • शहीदों का ऋण
    • आज की पीढ़ी का दायित्व
  • 1857 के अन्य गुमनाम नायक
    • उपेक्षित योद्धा
    • याद करने योग्य नाम
  • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सेठ रामदास जी गुड़वाले दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार में जन्मे थे। वे केवल एक धनी व्यापारी ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सबसे प्रभावशाली बैंकर और उद्योगपति भी थे।

सेठ रामदास जी की उपलब्धियां:

  • दिल्ली की पहली कपड़े की मिल की स्थापना की
  • उत्तर भारत के सबसे धनी सेठ
  • अरबों की संपत्ति के मालिक
  • दिल्ली के प्रमुख बैंकर

सेठ रामदास की दौलत: एक किंवदंती

उनकी अमीरी के बारे में दिल्ली में एक प्रसिद्ध कहावत थी:

“रामदास जी गुड़वाले के पास इतना सोना, चांदी और जवाहरात है कि उनकी दीवारों से वो गंगा जी का पानी भी रोक सकते हैं।”

प्रसिद्ध इतिहासकार ताराचंद ने अपनी पुस्तक ‘हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट’ में लिखा है:

“सेठ रामदास गुड़वाला उत्तर भारत के सबसे धनी सेठ थे। अंग्रेजों के विचार से उनके पास असंख्य मोती, हीरे, जवाहरात और अकूत संपत्ति थी।”

1857 की क्रांति और सेठ रामदास का योगदान

मेरठ से दिल्ली तक: क्रांति की चिंगारी

जब 1857 में मेरठ से आरंभ हुई क्रांति की चिंगारी दिल्ली पहुंची, तो पूरे देश में स्वतंत्रता की लहर दौड़ गई। अंग्रेजों की हार के बाद अनेक रियासतों की भारतीय सेनाओं ने दिल्ली में डेरा डाल दिया।

1857 की क्रांति में दिल्ली की स्थिति:

  • विभिन्न रियासतों की सेनाएं दिल्ली में एकत्रित
  • भोजन और वेतन की गंभीर समस्या
  • संसाधनों की कमी
  • संगठन की आवश्यकता

बादशाह और सेठ रामदास की मित्रता

सेठ रामदास जी गुड़वाले बादशाह बहादुर शाह जफर के गहरे मित्र थे। जब उन्होंने बादशाह की विकट स्थिति देखी, तो उनका देशभक्त हृदय पिघल गया।

सेठ रामदास का सर्वस्व त्याग: देशभक्ति की मिसाल

करोड़ों की संपत्ति का दान

सेठ रामदास जी ने एक अद्भुत निर्णय लिया जो इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाना चाहिए:

“मातृभूमि की रक्षा होगी तो धन फिर कमा लिया जाएगा।”

इस विचार के साथ उन्होंने:

  • अपनी करोड़ों की संपत्ति बादशाह को सौंप दी
  • पूरा खजाना स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित कर दिया
  • व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्र को प्राथमिकता दी

सेना के लिए संसाधन व्यवस्था

सेठ रामदास जी ने केवल धन ही नहीं दिया, बल्कि:

सैनिकों के लिए:

  • सत्तू और आटा
  • अनाज की पर्याप्त व्यवस्था
  • नियमित भोजन की आपूर्ति

पशुओं के लिए:

  • बैलों के लिए चारा
  • ऊंटों के लिए चारे की व्यवस्था
  • घोड़ों के लिए पोषण

व्यापारी से क्रांतिकारी: सेठ रामदास का परिवर्तन

गुप्तचर तंत्र का निर्माण

सेठ रामदास जी, जिन्होंने अब तक केवल व्यापार किया था, ने अचानक एक नई भूमिका निभाई:

सेना और खुफिया विभाग के संगठन में:

  • शक्तिशाली सेना का निर्माण
  • गुप्तचर संगठन की स्थापना
  • रणनीतिक योजना बनाना

उनकी संगठन क्षमता देखकर अंग्रेज सेनापति भी हैरान हो गए!

उत्तर भारत में जासूसी नेटवर्क

सेठ रामदास जी ने एक विशाल और सुव्यवस्थित जासूसी नेटवर्क बनाया:

  1. सारे उत्तर भारत में जासूसों का जाल बिछाया
  2. अनेक सैनिक छावनियों से गुप्त संपर्क किया
  3. देश के कोने-कोने में गुप्तचर भेजे
  4. छोटे से छोटे मनसबदार और राजाओं से संपर्क किया
  5. सभी को संगठित होने की प्रेरणा दी

स्वतंत्रता संग्राम का संदेश

उन्होंने हर राजा और मनसबदार से प्रार्थना की:

“इस संकट काल में सभी संगठित हों और देश को स्वतंत्र करवाएं!”

अंग्रेजों की चिंता: सेठ रामदास की क्रांतिकारी गतिविधियां

अंग्रेज शासन की बढ़ती परेशानी

सेठ रामदास जी की क्रांतिकारी गतिविधियों से:

  • अंग्रेज शासन बेहद परेशान हो गया
  • अंग्रेज अधिकारी घबरा गए
  • ब्रिटिश सत्ता को गंभीर खतरा महसूस हुआ

जहरीली शराब की घटना: एक रणनीति

एक दिन सेठ रामदास जी ने चांदनी चौक की दुकानों के आगे जगह-जगह जहर मिश्रित शराब की बोतलों की पेटियां रखवा दीं।

परिणाम:

  • अंग्रेज सैनिक प्यास बुझाने के लिए शराब पीते
  • जहरीली शराब से वे वहीं लेट जाते
  • अंग्रेज सेना को भारी नुकसान हुआ

अंग्रेजों का निर्णय

अंग्रेजों को समझ आ गया:

“भारत पर शासन करना है तो रामदास जी का अंत बहुत जरूरी है!”

सेठ रामदास जी की शहादत: क्रूरता की मिसाल

धोखे से गिरफ्तारी

कुछ कारणों से दिल्ली पर अंग्रेजों का पुनः कब्जा हो गया। सेठ रामदास जी गुड़वाले को धोखे से पकड़ लिया गया।

निर्मम यातना: शिकारी कुत्तों का हमला

जिस तरह से सेठ रामदास जी को मारा गया, वह क्रूरता की सबसे बड़ी मिसाल है:

पहला चरण – बंधन:

  • उन्हें रस्सियों से खंभे में बांधा गया
  • हाथ-पैर कसकर बांधे गए
  • भागने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा

दूसरा चरण – पाशविक हमला:

  • उन पर शिकारी कुत्ते छुड़वाए गए
  • कुत्तों ने जीवित ही उनके शरीर को नोच खाया
  • अमानवीय यातना दी गई
  • अर्धमरी अवस्था में छोड़ा गया

तीसरा चरण – सार्वजनिक फांसी:

  • उसी अधमरी अवस्था में उन्हें दिल्ली के चांदनी चौक की कोतवाली के सामने फांसी पर लटका दिया गया
  • सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया
  • अन्य क्रांतिकारियों को डराने के लिए यह किया गया

इतिहास में विलुप्त नायक: सेठ रामदास का भूला हुआ योगदान

इतिहासकार ताराचंद का कथन

प्रसिद्ध इतिहासकार ताराचंद ने अपनी पुस्तक ‘हिस्ट्री ऑफ फ्रीडम मूवमेंट’ में स्पष्ट रूप से लिखा है कि सेठ रामदास गुड़वाला उत्तर भारत के सबसे धनी सेठ थे और उनका योगदान अतुलनीय था।

इतिहास के पन्नों से गुम नाम

प्रश्न उठते हैं:

  • क्यों सेठ रामदास जैसे अनेकों क्रांतिकारी इतिहास के पन्नों से गुम हो गए?
  • क्यों हमारी पाठ्यपुस्तकों में इनका जिक्र नहीं है?
  • क्यों इन वीरों को भुला दिया गया?

भूले हुए क्रांतिकारियों की सूची

सेठ रामदास जी की तरह और भी कई क्रांतिकारी हैं जिन्हें इतिहास ने भुला दिया:

  • स्थानीय राजा और मनसबदार
  • धनी व्यापारी जिन्होंने सब कुछ दांव पर लगाया
  • गुमनाम सैनिक और योद्धा
  • गुप्तचर और संगठनकर्ता

सेठ रामदास की शहादत से सबक

देशभक्ति का सच्चा अर्थ

सेठ रामदास जी ने सिखाया:

  • धन से बड़ी है मातृभूमि
  • व्यक्तिगत लाभ से ऊपर है राष्ट्र हित
  • सच्ची देशभक्ति त्याग मांगती है

आधुनिक भारत के लिए प्रेरणा

सेठ रामदास जी का जीवन आज भी प्रासंगिक है:

  1. व्यापारिक सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी
  2. संकट में राष्ट्र के लिए त्याग
  3. संगठन की शक्ति को पहचानना
  4. अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना

1857 की क्रांति: एक व्यापक दृष्टिकोण

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक

1857 की क्रांति में योगदान देने वाले:

  • सैनिक और सेनापति
  • राजा और रानियां (जैसे रानी लक्ष्मीबाई)
  • व्यापारी और बैंकर (जैसे सेठ रामदास)
  • आम जनता और किसान

मेरठ से दिल्ली तक की यात्रा

1857 की क्रांति का विस्तार:

  • मेरठ में विद्रोह की शुरुआत
  • दिल्ली में क्रांति की लहर
  • पूरे उत्तर भारत में फैलाव
  • अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट संघर्ष

अंग्रेजी शासन की क्रूरता: ऐतिहासिक तथ्य

क्रांतिकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार

अंग्रेजों की यातना के तरीके:

  • सार्वजनिक फांसी
  • तोप से बांधकर उड़ाना
  • शिकारी कुत्तों से नोचवाना (सेठ रामदास के साथ)
  • परिवारों को प्रताड़ित करना

ब्रिटिश साम्राज्य का दमन चक्र

1857 की क्रांति के बाद:

  • क्रूर दमन
  • सामूहिक सजाएं
  • संपत्तियों की जब्ती
  • भय का माहौल बनाना

चांदनी चौक: इतिहास का गवाह

दिल्ली की ऐतिहासिक सड़क

चांदनी चौक का महत्व:

  • मुगलकालीन व्यापार केंद्र
  • 1857 की क्रांति का केंद्र
  • सेठ रामदास की गतिविधियों का मुख्य स्थल
  • शहादत का स्थान

कोतवाली के सामने फांसी

चांदनी चौक की कोतवाली के सामने सेठ रामदास जी को फांसी देना:

  • सार्वजनिक संदेश था
  • अन्य क्रांतिकारियों को डराने की कोशिश
  • ब्रिटिश सत्ता का प्रदर्शन

सेठ रामदास का योगदान: संख्या में

आर्थिक योगदान

  • करोड़ों रुपये की संपत्ति दान की
  • सैनिकों का वेतन दिया
  • भोजन और रसद की व्यवस्था की

संगठनात्मक योगदान

  • सैकड़ों गुप्तचर तैनात किए
  • दर्जनों सैनिक छावनियों से संपर्क
  • पूरे उत्तर भारत में नेटवर्क बनाया

भारतीय इतिहास में उपेक्षित नायक

पाठ्यपुस्तकों में अनुपस्थिति

क्यों नहीं पढ़ाया जाता:

  • औपनिवेशिक इतिहास लेखन का प्रभाव
  • चुनिंदा नायकों पर फोकस
  • स्थानीय योगदान की उपेक्षा
  • व्यापारी वर्ग के योगदान को कम आंकना

इतिहास को फिर से लिखने की जरूरत

क्या होना चाहिए:

  • सभी क्रांतिकारियों को समान सम्मान
  • स्थानीय इतिहास का दस्तावेजीकरण
  • विविध योगदानों को मान्यता
  • सच्चा और संपूर्ण इतिहास

सेठ रामदास की विरासत

अग्रवाल समाज का गौरव

सेठ रामदास जी:

  • अग्रवाल समाज के गौरव
  • व्यापारी वर्ग के प्रेरणास्रोत
  • देशभक्ति का प्रतीक
  • त्याग की मिसाल

दिल्ली का इतिहास

दिल्ली की विरासत में:

  • प्रथम कपड़ा मिल की स्थापना
  • व्यापारिक नेटवर्क का विकास
  • स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
  • शहीदों की धरती

क्या हम ऋणी हैं?

शहीदों का ऋण

प्रश्न:
“क्या सेठ रामदास जैसे क्रांतिकारियों की शहादत का ऋण हम चुका पाए?”

उत्तर:

  • उनकी कहानियों को जीवित रखकर
  • उनके योगदान को याद करके
  • उनके आदर्शों पर चलकर
  • देश के प्रति अपने कर्तव्य निभाकर

आज की पीढ़ी का दायित्व

हमें क्या करना चाहिए:

  1. भूले हुए नायकों को याद करें
  2. उनकी कहानियां अगली पीढ़ी को बताएं
  3. इतिहास की पूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करें
  4. देशभक्ति के सच्चे अर्थ को समझें

1857 के अन्य गुमनाम नायक

उपेक्षित योद्धा

सेठ रामदास जी की तरह और भी कई:

  • स्थानीय राजा
  • छोटे जमींदार
  • व्यापारी और बैंकर
  • महिला क्रांतिकारी
  • आम सैनिक

याद करने योग्य नाम

कुछ अन्य भूले हुए नाम:

  • विभिन्न रियासतों के सैनिक
  • गुप्तचर और संदेशवाहक
  • सहायता प्रदान करने वाले
  • स्थानीय नेता

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: सेठ रामदास जी गुड़वाले कौन थे?
उत्तर: दिल्ली के अरबपति बैंकर और 1857 की क्रांति के महान क्रांतिकारी।

Q2: उन्हें कैसे मारा गया?
उत्तर: शिकारी कुत्तों से नुचवाया गया और फिर चांदनी चौक में फांसी दी गई।

Q3: उनका मुख्य योगदान क्या था?
उत्तर: करोड़ों की संपत्ति दान, गुप्तचर तंत्र निर्माण, और सेना संगठन।

Q4: क्यों नहीं पढ़ाया जाता उनके बारे में?
उत्तर: इतिहास लेखन में उपेक्षा और चुनिंदा नायकों पर फोकस।

चाणक्य (कौटिल्य) – चाणक्य का जीवन परिचय: महान अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ की कहानी
TAGGED:1857 की क्रांतिअग्रवाल समाजअंग्रेजी शासनऐतिहासिक घटनागुमनाम नायकचांदनी चौकदिल्ली के क्रांतिकारीदेशभक्तप्रथम स्वतंत्रता संग्रामबहादुर शाह जफरभारतीय इतिहासभारतीय स्वतंत्रता संग्रामभूले हुए क्रांतिकारीमेरठ विद्रोहशहीदसेठ रामदास गुड़वालेस्वतंत्रता सेनानी
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