By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: गोदावरी स्तोत्रम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > नदी स्तोत्र > गोदावरी स्तोत्रम्
नदी स्तोत्रस्तोत्र

गोदावरी स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 26, 2026 6:24 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 26, 2026
Share
SHARE

गोदावरी स्तोत्रम्

गोदावरी स्तोत्रम्(Godavari Stotram) एक प्रसिद्ध संस्कृत स्तोत्र है, जो मां गोदावरी नदी की महिमा का गुणगान करता है। हिंदू धर्म में गोदावरी नदी को गंगा के समान पवित्र माना गया है और इसे “दक्षिण गंगा” भी कहा जाता है। यह स्तोत्र गोदावरी के दिव्य स्वरूप, उसकी महिमा और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाता है। इसे पाठ करने से भक्तों को पापों से मुक्ति, शुद्धता, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Contents
  • गोदावरी स्तोत्रम्
  • गोदावरी स्तोत्रम् का महत्व
  • गोदावरी स्तोत्रम्
  • पाठ करने की विधि

गोदावरी नदी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है और इसे ऋषियों व देवताओं की पवित्र नदी माना जाता है। यह नदी महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से होकर बहती है। हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि:

  • गोदावरी में स्नान करने से पापों का नाश होता है।
  • यह ऋषियों और साधकों के लिए ध्यान और तपस्या का प्रमुख स्थान रहा है।
  • त्र्यंबकेश्वर (नासिक, महाराष्ट्र) में यह नदी शिवलिंग को स्नान कराती है, जिससे इसे विशेष आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।
  • कुंभ मेला का आयोजन हर 12 वर्ष में गोदावरी के तट पर नासिक में किया जाता है।

गोदावरी स्तोत्रम् का महत्व

गोदावरी स्तोत्रम् गोदावरी नदी की पवित्रता, दिव्यता और उसकी कृपा का गुणगान करता है। इसे पाठ करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  1. पापों से मुक्ति – यह स्तोत्र भक्तों को पूर्व जन्म व इस जन्म के पापों से मुक्त करने में सहायक है।
  2. आध्यात्मिक शुद्धि – गोदावरी का स्मरण और स्तुति करने से मन और आत्मा शुद्ध होती है।
  3. सकारात्मक ऊर्जा का संचार – यह नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता को बढ़ावा देता है।
  4. स्वास्थ्य और समृद्धि – गोदावरी देवी की कृपा से आरोग्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
  5. मोक्ष की प्राप्ति – यह स्तोत्र भगवान विष्णु, शिव और देवी गोदावरी के आशीर्वाद से मोक्ष प्राप्त करने में सहायता करता है।

गोदावरी स्तोत्रम्

या स्नानमात्राय नराय गोदा गोदानपुण्याधिदृशिः कुगोदा।
गोदासरैदा भुवि सौभगोदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

या गौपवस्तेर्मुनिना हृताऽत्र या गौतमेन प्रथिता ततोऽत्र।
या गौतमीत्यर्थनराश्वगोदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

विनिर्गता त्र्यम्बकमस्तकाद्या स्नातुं समायान्ति यतोऽपि काद्या।
काऽऽद्याधुनी दृक्सततप्रमोदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

गङ्गोद्गतिं राति मृताय रेवा तपःफलं दानफलं तथैव।
वरं कुरुक्षेत्रमपि त्रयं या गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

सिंहे स्थिते वागधिपे पुरोधः सिंहे समायान्त्यखिलानि यत्र।
तीर्थानि नष्टाखिललोकखेदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

यदूर्ध्वरेतोमुनिवर्गलभ्यं तद्यत्तटस्थैरपि धाम लभ्यम्।
अभ्यन्तरक्षालनपाटवोदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

यस्याः सुधास्पर्धि पयः पिबन्ति न ते पुनर्मातृपयः पिबन्ति।
यस्याः पिबन्तोऽम्ब्वमृतं हसन्ति गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

सौभाग्यदा भारतवर्षधात्री सौभाग्यभूता जगतो विधात्री।
धात्री प्रबोधस्य महामहोदा गोदावरी साऽवतु नः सुगोदा।

पाठ करने की विधि

गोदावरी स्तोत्रम् का पाठ करने के लिए भक्तों को निम्नलिखित विधि अपनानी चाहिए:

  1. स्नान के बाद पवित्र मन से पाठ करें।
  2. गोदावरी नदी के तट पर या घर के पूजा स्थान में इसे श्रद्धा भाव से पढ़ें।
  3. इसका पाठ विशेष रूप से गोदावरी अमावस्या, माघ पूर्णिमा और कुंभ मेले के समय करना शुभ माना जाता है।
  4. जल पात्र में गंगाजल या गोदावरी जल रखकर पाठ करें और बाद में इसे अपने ऊपर छिड़कें।
  5. इस स्तोत्र का 11 या 21 बार पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होते हैं।
कनकधारा स्तोत्रम्
सर्वसिद्धिप्रदं पुष्टिपति स्तोत्रम्
ललिता पंचकम् – லலிதா பஞ்சகம்
कल्याणकर कृष्ण स्तोत्रम्
दुर्गा दुःस्वप्न निवारण स्तोत्रम्
TAGGED:Godavari Stotramगोदावरी स्तोत्रम्
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
चालीसा

दुर्गा चालीसा

Sanatani
Sanatani
जनवरी 22, 2026
सुमती शतकम् – సుమతీ శతకం
विष्णु पादादि केशांत वर्णन स्तोत्रं
होगा कब वह सुदिन समय शुभ मायावी मन बनकर दीन
मोहन राखु पद रजतरै
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?