By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: श्री गणेश भुजंगम
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > श्री गणेश स्तोत्र > श्री गणेश भुजंगम
श्री गणेश स्तोत्रस्तोत्र

श्री गणेश भुजंगम

Sanatani
Last updated: जनवरी 31, 2026 5:58 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 31, 2026
Share
SHARE

श्री गणेश भुजंगम – Ganesha Bhujangam

श्री गणेश भुजंगम् एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जो भगवान गणेश की स्तुति और महिमा का वर्णन करता है। इसे ‘भुजंग’ छंद में लिखा गया है, जिसमें छंद की गति साँप (भुजंग) की तरह लहराती और लचीली होती है। इस स्तोत्र के रचयिता आदि शंकराचार्य माने जाते हैं, जो हिंदू धर्म के महान संत और दार्शनिक थे।

Contents
  • श्री गणेश भुजंगम – Ganesha Bhujangam
    • स्तोत्र की रचना का उद्देश्य:
  • श्री गणेश भुजंगम् के लाभ:
    • श्री गणेश भुजंगम् का पाठ कैसे करें?
  • श्री गणेश भुजंगम – Ganesh Bhujangam Lyrics

श्री गणेश भुजंगम् का पाठ करने से भक्त भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करते हैं, जो विघ्नहर्ता और बुद्धि के दाता माने जाते हैं। यह स्तोत्र गणेश जी के अद्वितीय स्वरूप, गुणों और उनकी कृपा का विस्तार से वर्णन करता है।

स्तोत्र की रचना का उद्देश्य:

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है। श्री गणेश भुजंगम् का पाठ करते हुए भक्त गणेश जी से अपने जीवन के सभी विघ्नों को हरने और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। यह स्तोत्र विशेष रूप से मानसिक शांति, विद्या, और समृद्धि की प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है।

श्री गणेश भुजंगम् के लाभ:

  1. विघ्नों का नाश: गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से जीवन के सभी विघ्न और बाधाएँ दूर होती हैं।
  2. बुद्धि और ज्ञान का विकास: भगवान गणेश को ज्ञान और बुद्धि का दाता माना जाता है। श्री गणेश भुजंगम् का पाठ करने से व्यक्ति की बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है।
  3. धन-धान्य में वृद्धि: इस स्तोत्र के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
  4. आध्यात्मिक उन्नति: श्री गणेश भुजंगम् का पाठ व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करता है, जिससे उसकी आत्मा शुद्ध होती है और वह भगवान के करीब जाता है।
  5. संकटों से मुक्ति: भगवान गणेश की कृपा से सभी संकटों और समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह स्तोत्र पाठक को मानसिक और शारीरिक शांति प्रदान करता है।

श्री गणेश भुजंगम् का पाठ कैसे करें?

श्री गणेश भुजंगम् का पाठ शुद्ध मन और भक्ति भाव से करना चाहिए। इसे बुधवार और चतुर्थी के दिन विशेष रूप से पढ़ना शुभ माना जाता है। गणेश जी की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर और पुष्प अर्पित कर स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

श्री गणेश भुजंगम – Ganesh Bhujangam Lyrics

रणत्क्षुद्रघण्टानिनादाभिरामं
चलत्ताण्डवोद्दण्डवत्पद्मतालम् ।
लसत्तुन्दिलाङ्गोपरिव्यालहारं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ १॥

ध्वनिध्वंसवीणालयोल्लासिवक्त्रं
स्फुरच्छुण्डदण्डोल्लसद्बीजपूरम् ।
गलद्दर्पसौगन्ध्यलोलालिमालं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ २॥

प्रकाशज्जपारक्तरन्तप्रसून-
प्रवालप्रभातारुणज्योतिरेकम् ।
प्रलम्बोदरं वक्रतुण्डैकदन्तं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ ३॥

विचित्रस्फुरद्रत्नमालाकिरीटं
किरीटोल्लसच्चन्द्ररेखाविभूषम् ।
विभूषैकभूशं भवध्वंसहेतुं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ ४॥

उदञ्चद्भुजावल्लरीदृश्यमूलो-
च्चलद्भ्रूलताविभ्रमभ्राजदक्षम् ।
मरुत्सुन्दरीचामरैः सेव्यमानं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ ५॥

स्फुरन्निष्ठुरालोलपिङ्गाक्षितारं
कृपाकोमलोदारलीलावतारम् ।
कलाबिन्दुगं गीयते योगिवर्यै-
र्गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ ६॥

यमेकाक्षरं निर्मलं निर्विकल्पं
गुणातीतमानन्दमाकारशून्यम् ।
परं परमोङ्कारमान्मायगर्भं ।
वदन्ति प्रगल्भं पुराणं तमीडे ॥ ७॥

चिदानन्दसान्द्राय शान्ताय तुभ्यं
नमो विश्वकर्त्रे च हर्त्रे च तुभ्यम् ।
नमोऽनन्तलीलाय कैवल्यभासे
नमो विश्वबीज प्रसीदेशसूनो ॥ ८॥

इमं सुस्तवं प्रातरुत्थाय भक्त्या
पठेद्यस्तु मर्त्यो लभेत्सर्वकामान् ।
गणेशप्रसादेन सिध्यन्ति वाचो
गणेशे विभौ दुर्लभं किं प्रसन्ने ॥ ९॥

शांति दुर्गा स्तोत्रम्
गंगा स्तोत्रम्
ललिता सहस्त्रनाम
गणेशमहिम्न: स्तोत्रम्
नटराज स्तोत्रं
TAGGED:Ganesh StotramGanesha Bhujangam
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow
Popular News
धार्मिक पुस्तकेवेद

अथर्ववेद

Sanatani
Sanatani
फ़रवरी 13, 2026
गोविन्दाष्टकम
राधा जी की आरती
लक्ष्मी अष्टकम्
गोकुलेश अष्टकम

Categories

Reading: श्री गणेश भुजंगम
Share

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?