By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: चंद्र कवचम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > कवचम् > चंद्र कवचम्
कवचम्नवग्रह स्तोत्रस्तोत्र

चंद्र कवचम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 22, 2026 6:37 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 22, 2026
Share
SHARE

गौतम ऋषि द्वारा रचित चंद्र कवचम्(Chandra Kavacham) एक प्राचीन वैदिक स्तोत्र है जो भगवान चंद्र (चन्द्रदेव) की स्तुति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए रचा गया है। यह कवच उन लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है जो चंद्रमा के प्रभाव से जुड़ी समस्याओं, जैसे मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक असंतुलन, या जीवन में मानसिक शांति की कमी से परेशान होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा का प्रभाव हमारी मानसिक स्थिति और भावनाओं पर होता है, और यदि चंद्रमा अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयाँ आ सकती हैं।

Contents
    • चंद्र कवचम् का महत्त्व
    • चंद्र कवचम् का पाठ करने की विधि
  • चंद्र कवचम् का पाठ Chandra Kavacham
    • फलश्रुति (कवच के पाठ का परिणाम)
  • चंद्र कवचम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs of Chandra Kavacham
    • चंद्र कवचम् क्या है और इसका महत्त्व क्या है?
    • चंद्र कवचम् का पाठ करने का सही समय और विधि क्या है?
    • चंद्र कवचम् के पाठ से कौन-कौन से लाभ होते हैं?
    • क्या चंद्र कवचम् का पाठ कुंडली में चंद्र दोष को दूर कर सकता है?
    • चंद्र कवचम् के पाठ में किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Shree Chandra Kavacham

चंद्र कवचम् का महत्त्व

  • मानसिक शांति: चंद्र कवच का नियमित पाठ मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है। यह मन को शांत करता है और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में सहायक होता है।
  • चंद्र दोष निवारण: यह कवच उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है जिनकी कुंडली में चंद्र दोष होते हैं। यह चंद्रमा के अशुभ प्रभावों को दूर करता है।
  • समृद्धि और सौभाग्य: चंद्रमा को समृद्धि और सौभाग्य का कारक माना जाता है। चंद्र कवच का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में धन, सुख और समृद्धि आती है।
  • सौम्यता और आकर्षण: चंद्रमा का संबंध सौम्यता और सुंदरता से भी होता है। चंद्र कवच का पाठ व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण और सौम्यता लाता है।

चंद्र कवचम् का पाठ करने की विधि

इस कवच का पाठ सोमवार के दिन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। इस दिन व्यक्ति को शुद्ध मन से स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करके भगवान चंद्र की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर इस कवच का पाठ करना चाहिए। इसके साथ-साथ यदि चंद्रदेव को सफेद फूल, चावल, और सफेद मिठाई अर्पित की जाए, तो उसका विशेष फल प्राप्त होता है।

चंद्र कवचम् का पाठ Chandra Kavacham

चंद्र कवचम् एक स्तोत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसका संपूर्ण पाठ इस प्रकार है:

अस्य श्रीचन्द्रकवचस्तोत्रमन्त्रस्य गौतम् ऋषिः ।
अनुष्टुप् छन्दः, श्रीचन्द्रो देवता, चन्द्रप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः

समं चतुर्भुजं वन्दे केयूरमुकुटोज्ज्वलम् ।
वासुदेवस्य नयनं शङ्करस्य च भूषणम् ॥ १॥

एवं ध्यात्वा जपेन्नित्यं शशिनः कवचं शुभम् ।
शशी पातु शिरोदेशं भालं पातु कलानिधिः ॥ २॥

चक्षुषी चन्द्रमाः पातु श्रुती पातु निशापतिः ।
प्राणं क्षपाकरः पातु मुखं कुमुदबान्धवः ॥ ३॥

पातु कण्ठं च मे सोमः स्कन्धे जैवातृकस्तथा ।
करौ सुधाकरः पातु वक्षः पातु निशाकरः ॥ ४॥

हृदयं पातु मे चन्द्रो नाभिं शङ्करभूषणः ।
मध्यं पातु सुरश्रेष्ठः कटिं पातु सुधाकरः ॥ ५॥

ऊरू तारापतिः पातु मृगाङ्को जानुनी सदा ।
अब्धिजः पातु मे जङ्घे पातु पादौ विधुः सदा ६॥

सर्वाण्यन्यानि चाङ्गानि पातु चन्दूऽखिलं वपुः ।
एतद्धि कवचं दिव्यं भुक्तिमुक्तिप्रदायकम् ।
यः पठेच्छृणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ७॥

फलश्रुति (कवच के पाठ का परिणाम)

  • चंद्र कवच का नियमित पाठ करने से मानसिक और शारीरिक रोगों का नाश होता है।
  • व्यक्ति के जीवन में धन, धान्य और समृद्धि की वृद्धि होती है।
  • दीर्घायु, स्वास्थ्य और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
  • अविवाहित स्त्रियों को योग्य पति की प्राप्ति होती है।
  • यह कवच व्यक्ति के समस्त अंगों की रक्षा करता है और उसे चंद्रमा के सभी शुभ प्रभाव प्रदान करता है।

चंद्र कवचम् पर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs of Chandra Kavacham

  1. चंद्र कवचम् क्या है और इसका महत्त्व क्या है?

    u003cstrongu003eचंद्र कवचम्u003c/strongu003e गौतम ऋषि द्वारा रचित एक वैदिक स्तोत्र है, जो विशेष रूप से चंद्रमा की कृपा प्राप्त करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए पढ़ा जाता है। इसे धार्मिक ग्रंथों में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यह चंद्रमा से संबंधित समस्याओं, जैसे मानसिक तनाव, अशांति, और भावनात्मक असंतुलन को दूर करने में सहायक होता है। चंद्र कवचम् का नियमित पाठ करने से व्यक्ति को मन की शांति, समृद्धि, और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।

  2. चंद्र कवचम् का पाठ करने का सही समय और विधि क्या है?

    चंद्र कवचम् का पाठ विशेष रूप से सोमवार को या जब चंद्रमा की स्थिति कमजोर हो, तब करना चाहिए। इसे सुबह स्नान करके शांत मन से करना चाहिए। पाठ करने से पहले भगवान चंद्रमा का ध्यान करें और दीपक जलाएं। इसे सस्वर उच्चारण से पढ़ना शुभ माना जाता है। नियमित पाठ से चंद्र दोष दूर होते हैं और मानसिक शक्ति बढ़ती है।

  3. चंद्र कवचम् के पाठ से कौन-कौन से लाभ होते हैं?

    चंद्र कवचम् के पाठ से कई लाभ प्राप्त होते हैं, जिनमें मानसिक शांति, चिंता का निवारण, और भावनात्मक स्थिरता प्रमुख हैं। यह व्यक्ति के जीवन में चंद्र दोषों को दूर करके सुख-समृद्धि और संतुलन लाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, वे भी इसका पाठ करके चंद्र ग्रह से संबंधित समस्याओं से निजात पा सकते हैं।

  4. क्या चंद्र कवचम् का पाठ कुंडली में चंद्र दोष को दूर कर सकता है?

    हां, चंद्र कवचम् का पाठ कुंडली में चंद्र दोष को दूर करने में अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो या चंद्रमा अशुभ फल दे रहा हो, उन्हें चंद्र कवचम् का नियमित पाठ करना चाहिए। इससे चंद्रमा की स्थिति सुधरती है और व्यक्ति को मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं से राहत मिलती है।

  5. चंद्र कवचम् के पाठ में किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    चंद्र कवचम् के पाठ के दौरान पवित्रता और एकाग्रता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। इसे शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठकर करना चाहिए। मन को शांत करके भगवान चंद्रमा का ध्यान करें और ध्यान पूर्वक प्रत्येक श्लोक का उच्चारण करें। इसके अलावा, पाठ करते समय सकारात्मक सोच बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि इसका अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

भारती स्तोत्रम
गणेशाष्टोत्तर शतनामार्चन स्तोत्रम्
रुद्राष्टकम्
सूर्य ग्रह स्तोत्रम्
श्री वेङ्कटेश्वर अष्टोत्तरशत नामस्तोत्रम्
TAGGED:Chandra Kavach lyricsChandra KavachamChandra Kavacham audioMoon kavach mantraMoon mantra for peacemoon protection mantraचंद्र कवचम्चंद्र शक्ति कवचम्चंद्रदेव कवच benefits月神 कवच (Chandra)
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
नवग्रह स्तोत्रस्तोत्र

चंद्र ग्रह स्तोत्रम्

Sanatani
Sanatani
जनवरी 26, 2026
अंगारका अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रं
स्याम तव मूरति हृदय समानी – Syam Tav Murti Hriday Samani
श्रीशैल मल्लिकार्जुन सुप्रभातम्
श्री राम भुजंग प्रयात स्तोत्रम्
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?