कविताये और प्राथनाए

मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी जान ॥जिनके ध्यान धरत ऋषि मुनि, पाते पद…

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भज रघुनन्दन – प्रार्थना

भज रघुनन्दन असुर निकन्दन त्रिभुवन बंदन विश्वपतिम् ।मुनिजन मानस हंस मनोहर सर्वाधार विशुद्ध मतिम् ॥ मय्यादा पुरुषोत्तम सत्तम निंदन कोटि…

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मंगलाचरण – करो ईश्वर का सब मिल ध्यान

मंगलाचरण करो ईश्वर का सब मिल ध्यान ।जगदाधार जगत के स्वामी, अंतर्यामी जान ॥जिनके ध्यान धरत ऋषि मुनि, पाते पद…

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Latest कविताये और प्राथनाए News

हे प्रभु तुझारी कीर्ति को गाये ।।

हे प्रभु तुम्हारी कीर्ति को गायें न क्या करें। चरणों में सदा…

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जय जयति देवकीनन्दन

जय जयति देवकीनन्दन जय जयति देवकी नंदन, जय २ जय जय दुष्ट…

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प्रार्थना – मंगलमय मंगल बदन गणेश

मंगलमय गणेश - प्रार्थना मंगलमय मंगल सदन, मंगल बदन गणेश ।मंगल युत…

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दृष्टी दया की – प्रार्थना

दृष्टी दया की -प्रार्थना Drashti Daya Ki भगवन् दया की दृष्टी टुक…

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प्रार्थना – माया तेरी अपार

माया तेरी अपार माया है तेरी अपार माया पार नहीं कोई पाता…

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