By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानिए महाशिवरात्रि पर्व का महत्व और पूजा विधि।
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > त्यौहार > महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानिए महाशिवरात्रि पर्व का महत्व और पूजा विधि।
त्यौहार

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? जानिए महाशिवरात्रि पर्व का महत्व और पूजा विधि।

Sanatani
Last updated: फ़रवरी 11, 2026 7:36 अपराह्न
Sanatani
Published: फ़रवरी 11, 2026
Share
SHARE

महाशिवरात्रि, हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 26 फरवरी को पड़ रही है। भगवान शिव के भक्तों के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? इसका जवाब पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं में छिपा है। इस लेख में हम महाशिवरात्रि के महत्व, इतिहास, पूजा विधि और इससे जुड़ी मान्यताओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यदि आप महाशिवरात्रि पूजा विधि जानना चाहते हैं या महाशिवरात्रि का महत्व समझना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

Contents
  • महाशिवरात्रि का इतिहास और क्यों मनाई जाती है?
  • महाशिवरात्रि का महत्व
  • महाशिवरात्रि पूजा विधि
  • महाशिवरात्रि से जुड़ी रोचक बातें

महाशिवरात्रि का इतिहास और क्यों मनाई जाती है?

महाशिवरात्रि का इतिहास पुराणों से जुड़ा है। स्कंद पुराण, लिंग पुराण और पद्म पुराण में इस पर्व का उल्लेख मिलता है। मुख्य रूप से, महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की याद में मनाई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस रात्रि को शिव और पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। यह वह रात थी जब शिव ने अपनी अर्धांगिनी पार्वती को स्वीकार किया, जो सृष्टि के संतुलन का प्रतीक है।

एक अन्य कथा समुद्र मंथन से जुड़ी है। जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया, तो उसमें से विष निकला। भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। यह घटना भी फाल्गुन की चतुर्दशी को हुई थी। इसलिए महाशिवरात्रि को शिव की इस त्याग और रक्षा की स्मृति में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? इसका एक कारण यह भी है कि यह रात्रि शिव की तांडव नृत्य की रात्रि मानी जाती है, जो सृजन, पालन और संहार के चक्र को दर्शाती है।

आध्यात्मिक दृष्टि से, महाशिवरात्रि वह रात्रि है जब ब्रह्मांड की ऊर्जा सबसे अधिक सक्रिय होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन चंद्रमा अपनी सबसे कमजोर स्थिति में होता है, जो मन की अस्थिरता का प्रतीक है। शिव की पूजा से मन को स्थिर किया जा सकता है। इसलिए भक्त इस रात्रि को जागरण करके शिव की आराधना करते हैं। महाशिवरात्रि 2026 में भी लाखों श्रद्धालु मंदिरों में जुटेंगे, जैसे काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और अमरनाथ।

महाशिवरात्रि का महत्व

महाशिवरात्रि का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक भी है। यह पर्व भक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है, जो सभी के कल्याण के लिए विष पी लेते हैं। महाशिवरात्रि महत्व इस बात में है कि यह हमें सिखाता है कि जीवन में कष्टों को सहन करना और दूसरों की रक्षा करना कितना जरूरी है।

आज के दौर में, जब तनाव और व्यस्तता बढ़ रही है, महाशिवरात्रि जैसे पर्व हमें ध्यान और योग की ओर प्रेरित करते हैं। शिव की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता आती है। महिलाएं इस दिन व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं, जबकि युवा शिव की कृपा से सफलता मांगते हैं। महाशिवरात्रि का महत्व पर्यावरण से भी जुड़ा है, क्योंकि बेल पत्र, धतूरा और भांग जैसे पदार्थ शिव को चढ़ाए जाते हैं, जो प्रकृति के संरक्षण का संदेश देते हैं।

सांस्कृतिक रूप से, महाशिवरात्रि भारत की विविधता को दर्शाती है। उत्तर भारत में इसे व्रत और पूजा के साथ मनाया जाता है, जबकि दक्षिण में नृत्य और संगीत के साथ। नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर में विशेष उत्सव होता है। वैश्विक स्तर पर, हिंदू समुदाय इसे धूमधाम से मनाता है। महाशिवरात्रि महत्व इस बात में भी है कि यह हिंदू कैलेंडर का आखिरी बड़ा त्योहार है, जो होली से पहले आता है।

महाशिवरात्रि पूजा विधि

महाशिवरात्रि पूजा विधि सरल लेकिन प्रभावशाली है। इसे घर पर या मंदिर में किया जा सकता है। यहां हम विस्तार से बताते हैं:

  1. व्रत और तैयारी: महाशिवरात्रि से एक दिन पहले निर्जला या फलाहार व्रत रखें। सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ करें और शिवलिंग या शिव की मूर्ति स्थापित करें।
  2. सामग्री: बेल पत्र, धतूरा, भांग, दूध, दही, शहद, गंगा जल, चंदन, फूल, अगरबत्ती, घी का दीपक, फल और मिठाई। रुद्राक्ष की माला और शिव चालीसा तैयार रखें।
  3. पूजा का समय: महाशिवरात्रि पूजा रात्रि में चार प्रहरों में की जाती है। पहला प्रहर शाम 6 बजे से, दूसरा रात 9 बजे, तीसरा 12 बजे और चौथा सुबह 3 बजे। प्रत्येक प्रहर में अभिषेक करें।
  4. अभिषेक और मंत्र: शिवलिंग पर दूध, दही और गंगा जल से अभिषेक करें। “ओम नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। बिल्व पत्र चढ़ाते समय “ओम त्र्यम्बकं यजामहे” मंत्र पढ़ें।
  5. आरती और जागरण: पूजा के बाद शिव आरती गाएं। रात्रि जागरण करें, भजन गाएं और शिव कथाएं सुनें। सुबह पारण करें, यानी व्रत खोलें।

महाशिवरात्रि पूजा विधि में विशेष ध्यान रखें कि महिलाएं और पुरुष दोनों भाग ले सकते हैं। यदि आप बीमार हैं, तो फलाहार व्रत रखें। बच्चों को पूजा में शामिल करके धार्मिक मूल्य सिखाएं।

महाशिवरात्रि से जुड़ी रोचक बातें

महाशिवरात्रि पर कई मंदिरों में मेले लगते हैं। उदाहरण के लिए, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती प्रसिद्ध है। वैज्ञानिक दृष्टि से, इस रात्रि को ध्यान करने से मस्तिष्क की तरंगें शांत होती हैं। महाशिवरात्रि 2026 में डिजिटल पूजा भी ट्रेंड कर रही है, जहां ऑनलाइन शिव दर्शन संभव है।

महाशिवरात्रि हमें याद दिलाती है कि जीवन अनंत है और शिव की कृपा से मोक्ष प्राप्ति संभव है। इस पर्व पर दान-पुण्य करें, गरीबों को भोजन दें। इससे पुण्य प्राप्त होता है।

अंत में, महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? क्योंकि यह शिव की अनंत शक्ति का उत्सव है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पूजा विधि अपनाकर अपने जीवन को सकारात्मक बनाएं। हर हर महादेव!

TAGGED:Hindu festivalsLord Shiva worshipMahashivratri 2026Mahashivratri puja vidhiMahashivratri ritualsShivratri historyShivratri importanceShivratri vratSpiritual significance of ShivratriWhy celebrate Mahashivratriमहाशिवरात्रिमहाशिवरात्रि कथामहाशिवरात्रि के दिन रखे ये व्रतमहाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की स्थापना कैसे करेंशिव आराधनाशिव के प्रति विश्वास का पर्वशिव रात्रि की महिमाशिव विवाह कथा
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
भजनराम भजनविष्णु भजन

भजन बिन है चोला बेकाम

Sanatani
Sanatani
जनवरी 22, 2026
आर्तिहर स्तोत्रम्
आनंद लहरि
अब मत तरसाओजो मनमोहन नंदलाल – Ab Mat Tarasaojo Manamohan Nandalaal 
आलोकये श्री बालकृष्णम्
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?