17.4 C
Gujarat
बुधवार, जनवरी 28, 2026

जय जयति देवकीनन्दन

Post Date:

जय जयति देवकीनन्दन

जय जयति देवकी नंदन, जय २ जय जय दुष्ट निकंदन तुम जगके कर्ताधर्ता,
पालक पोषक संहर्ता शुभ लसै भाल पै चन्दन, जय जयति देवकीनन्दन ॥ १ ॥


तुम कंस आदि संहारे, और असुर वकासुर मारे ।
प्रभु काटौ भव भय फन्दन, जय जयति देवकीनन्दन ॥ २ ॥


मुरलीवर नाम तुम्हारी, गिरधर गिर नखपर धारौं ।
मम करौ दूर दुख दुदन, जय जयति देवकीनन्दन ॥ ३ ॥


नन्नू कृष्ण गोविन्द गायें, हम अभय मोक्ष फल पायें
पुनि २ पद करते बन्दन जय जयति देवकीनंदन ॥ ४ ॥

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!