By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: वंदे मातरम् – Vande Mataram
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भारत माता > वंदे मातरम् – Vande Mataram
भारत माता

वंदे मातरम् – Vande Mataram

Sanatani
Last updated: जनवरी 24, 2026 4:51 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 24, 2026
Share
SHARE

वंदे मातरम् – Vande Mataram

वंदे मातरम् भारत का राष्ट्रीय गीत है, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रभक्ति और संघर्ष का प्रतीक बन गया था। यह गीत प्रसिद्ध उपन्यासकार और कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में लिखा गया था और उनके उपन्यास “आनंदमठ” में शामिल किया गया। वंदे मातरम् के माध्यम से भारत माता की वंदना और देशभक्ति की भावना प्रकट की गई है।

Contents
  • वंदे मातरम् – Vande Mataram
  • वंदे मातरम् का रचना और इतिहास
  • राष्ट्रीय गीत का दर्जा
  • वंदे मातरम्

वंदे मातरम् का रचना और इतिहास

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह गीत मूलतः बंगाली और संस्कृत भाषा में लिखा था। इसे पहली बार उनके उपन्यास “आनंदमठ” में 1882 में प्रकाशित किया गया। गीत में मातृभूमि को देवी दुर्गा के रूप में चित्रित किया गया है। “वंदे मातरम्” का अर्थ है “माँ, तुझे प्रणाम”। यह गीत न केवल एक साहित्यिक रचना है, बल्कि भारतीय जनता की स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक भी है।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। 1905 के बंगाल विभाजन के समय, यह नारा व्यापक रूप से गूंजा और ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई में शक्ति का प्रतीक बन गया।

1906 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम् को पहली बार गाया गया। इसके बाद, यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। नेता, स्वतंत्रता सेनानी, और आम जनता इसे अपने जोश और प्रेरणा को बढ़ाने के लिए गाते थे।

राष्ट्रीय गीत का दर्जा


स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया। 24 जनवरी 1950 को, संविधान सभा ने इसे यह दर्जा दिया। इसे जन-गण-मन के साथ समान रूप से महत्त्वपूर्ण माना गया। हालांकि, वंदे मातरम् का पूरा गीत चार पदों में विभाजित है, लेकिन इसके केवल पहले दो पदों को ही आधिकारिक रूप से अपनाया गया।

वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है; यह भारत की संस्कृति, परंपरा, और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा को दर्शाने वाला प्रतीक है। इसकी प्रत्येक पंक्ति में मातृभूमि के प्रति आदर और गौरव की भावना झलकती है। गीत में उपयोग किए गए शब्द और चित्रण भारत की प्राकृतिक सुंदरता, इसकी महानता, और लोगों की एकजुटता का वर्णन करते हैं।

वंदे मातरम्

वन्दे मातरम्
सुजलाम् सुफलाम् मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।

शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।

हालांकि वंदे मातरम् को भारतीयों ने अत्यधिक सम्मान दिया, लेकिन इसका कुछ धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों द्वारा विरोध भी हुआ। यह विरोध मुख्यतः इसके कुछ धार्मिक संदर्भों को लेकर था। बावजूद इसके, यह गीत आज भी भारत की राष्ट्रीय पहचान और गर्व का हिस्सा है।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
लक्ष्मी स्तोत्रस्तोत्र

श्री लक्ष्मी मंगलाष्टक स्तोत्रम्

Sanatani
Sanatani
जनवरी 28, 2026
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्
राम रक्षा स्तोत्र
श्री कृष्णाश्रय स्तोत्रम्
एकश्लोकी भागवतम्
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?