7 अमर उपदेश
"कर्म करो, फल की चिंता मत करो।"
— श्रीमद्भगवद्गीता 2.47
"आत्मा न जन्म लेती है, न मरती है। यह शाश्वत और अविनाशी है।"
— श्रीमद्भगवद्गीता 2.20
"जो हुआ, अच्छे के लिए हुआ। जो हो रहा है, अच्छे के लिए हो रहा है।"
— श्रीमद्भगवद्गीता
✦ गीता के बारे में
भगवद्गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। इसे कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था।