By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > भजन > विष्णु भजन > पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती
भजनविष्णु भजन

पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती

Sanatani
Last updated: जनवरी 24, 2026 4:35 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 24, 2026
Share
SHARE

पुत्र शोक सन्तप्त कभी कर दारुण दुख है देती

पुत्र-शोक सन्तप्त कभी कर, दारुण दुख है देती ।

कभी अयश अपमान दानकर, मान सभी हर लेती ।।

कभी जगतके सुंदर सुख सब छीन, दीनमन करती ।

पथभ्रान्त कर कभी कठिन व्यवहार बिषम आचरती ।१।

पुत्र-कलत्र, राजवैभव बहु, मान कभी है देती ।

दारुण दुख-दारिद्रय-दीनता क्षणभरमें हर लेती ।।

पल-पलमें, प्रत्येक दिशामें सतत कार्य है करती ।

कड़वी-मीठी औषध देकर व्यथा हृदयकी हरती ॥२॥

पर वह नहीं कदापि सहज ही परिचय अपना देती ।

चमक तुरत चंचल चपला-सी दृग-अंचल ढक लेती ।।

जबतक इस घूँघटवालीका मुख नहिं देखा जाता ।

नाना भाँति जीव तबतक अकुलाता, कष्ट उठाता ॥३॥

जिस दिन यह आवरण दूर कर दिव्य द्युति दिखलाती।

परिचय दे, पहचान बताकर, शीतल करती छाती ।।

उस दिनसे फिर सभी वस्तु परिपूर्ण दीखती उससे ।

संसृतिहारिणि सुधा-वृष्टि हो रही निरंतर जिससे ||४||

सहज दयाकी मूरति देवीने जबसे अपनाया ।

महिमामय मुखमंडल अपनेकी दिखला दी छाया ।।

तबसे अभय हुआ, आकुलता मिटी, प्रेम-रस छलका ।

मनका उतरा भार सभी, अब हृदय हो गया हल्का ।।५।।

जिन विभीषिकाओंसे डरकर पहले, था थर्राता ।

उनमें भव्य दिव्य दर्शन कर अब प्रमुदित मुसुकाता ।।

भगवत्कृपा ! ‘अकिंचन’ तेरे ज्यों-ज्यों दर्शन पाता ।

त्यों-ही-त्यों आनंद-सिंधुमें गहरा डूया जाता ||६||

बिदुर घर स्याम पाहुने आये
अब हरि एक भरोसो तेरो
हे निर्गुण हे सर्वगुणाश्रय हे निरुपम है उपमामय
नाचत गौर प्रेम अधीर – Nachat Gaur Prem Adher
बन्धुगणो मिल कहो प्रेमसे यदुपति ब्रजपति श्यामा श्याम
TAGGED:भगवतकृपा ( Bhagwat Krupa )राग पलास ( Raag Palash )श्री विष्णु चरण वन्दन ( Shree Vishnu Charan Vandan )श्री विष्णु भजन ( Shree Vishnu Bhajan )
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
कृष्ण स्तोत्रस्तोत्र

मुरारी स्तुति

Sanatani
Sanatani
जनवरी 25, 2026
गोस्वामी तुलसीदास
बृहस्पति कवचम् (गुरु कवचम्)
योगशान्तिप्रदं गणाधीश स्तोत्रम्
विष्णु पादादि केशांत वर्णन स्तोत्रं
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?