By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: गरुड़ पुराण
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • सनातनज्ञान
  • गीतकाव्य
  • आरोग्य
  • ज्योतिष
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > सनातनज्ञान > पुराण > गरुड़पुराण > गरुड़ पुराण
पुराणगरुड़पुराणधार्मिक पुस्तके

गरुड़ पुराण

Sanatani
Last updated: फ़रवरी 14, 2026 7:16 अपराह्न
Sanatani
Published: फ़रवरी 14, 2026
Share
SHARE

गरुड़ पुराण ( Garuda Purana )

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है। यह पुराण न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी उजागर करता है। इस लेख में, हम गरुड़ पुराण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे, जिसमें इसकी उत्पत्ति, संरचना, मुख्य विषय और इसका आधुनिक समय में महत्व शामिल है। गरुड़ पुराण हिंदू धर्मग्रंथों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह पुराण दो मुख्य भागों में विभाजित है – आचार काण्ड और प्रेत काण्ड ।

Contents
  • गरुड़ पुराण ( Garuda Purana )
  • Garuda Purana Gita Press Gorakhpur PDF
  • The Garuda Purana Sanskrit and English PDF
  • The Garuda Purana
  • गरुड़ पुराण की उत्पत्ति और इतिहास
  • गरुड़ पुराण की संरचना
    • आचार काण्ड
    • प्रेत काण्ड
  • गरुड़ पुराण में यमलोक का वर्णन
  • धार्मिक और सामाजिक महत्व
  • गरुड़ पुराण के प्रमुख शिक्षाएं

Garuda Purana Gita Press Gorakhpur PDF

The Garuda Purana

The Garuda Purana Sanskrit and English PDF

The Garuda Purana Sanskrit and English

The Garuda Purana

Garuda Purana

गरुड़ पुराण की उत्पत्ति और इतिहास

गरुड़ पुराण की उत्पत्ति का काल निश्चित नहीं है, लेकिन इसे पुराणों की श्रेणी में रखा गया है जो हजारों वर्षों से भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित है। इसकी रचना वैदिक युग के बाद हुई मानी जाती है। यह पुराण विभिन्न संस्कृत कवियों और ऋषियों द्वारा लिखित और संपादित किया गया है।

गरुड़ पुराण की संरचना

गरुड़ पुराण मुख्यतः दो भागों में विभाजित है:

  1. आचार काण्ड: इस भाग में धार्मिक कृत्यों, व्रतों, और सामाजिक आचार-व्यवहार के नियमों का वर्णन है।
  2. प्रेत काण्ड: यह भाग मृत्यु के बाद की स्थितियों, यमलोक की यात्रा, और आत्मा के पुनर्जन्म के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

आचार काण्ड

आचार काण्ड में धार्मिक कृत्यों और सामाजिक नियमों का विस्तृत वर्णन है। इसमें विभिन्न व्रतों, यज्ञों और पूजा विधियों का उल्लेख किया गया है। आचार काण्ड में दान, तपस्या और धार्मिक अनुष्ठानों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है। यह भाग व्यक्ति को जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करता है।

प्रेत काण्ड

प्रेत काण्ड गरुड़ पुराण का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित भाग है। इसमें आत्मा के मृत्यु के बाद की यात्रा और यमलोक के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है। प्रेत काण्ड में पाप और पुण्य के फल, नरक और स्वर्ग की अवधारणा, और पुनर्जन्म के सिद्धांत का विस्तृत विवरण मिलता है। इस भाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को धार्मिक और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देना है।

गरुड़ पुराण में यमलोक का वर्णन

गरुड़ पुराण में यमलोक का विस्तृत वर्णन है, जहां यमराज आत्माओं का न्याय करते हैं। यमलोक के विभिन्न विभागों और वहां की यातनाओं का उल्लेख किया गया है, जो पापियों के लिए नियत हैं। यह वर्णन लोगों को पापों से बचने और पुण्य कर्म करने के लिए प्रेरित करता है।

गरुड़ पुराण में पुनर्जन्म और कर्म सिद्धांत का महत्वपूर्ण स्थान है। इसमें बताया गया है कि कैसे व्यक्ति के कर्म उसके अगले जन्म को निर्धारित करते हैं। अच्छे कर्म करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है, जबकि बुरे कर्म नरक में ले जाते हैं। यह सिद्धांत व्यक्ति को जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

धार्मिक और सामाजिक महत्व

गरुड़ पुराण का धार्मिक और सामाजिक महत्व अत्यधिक है। यह पुराण व्यक्ति को धर्म, नैतिकता और सामाजिक कर्तव्यों के बारे में शिक्षित करता है। इसके द्वारा व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध होता है, जिससे वह समाज में एक अच्छा नागरिक बन सकता है।

आधुनिक समय में भी गरुड़ पुराण का महत्व कम नहीं हुआ है। यह पुराण व्यक्ति को आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक विकास की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसके शिक्षाएं आज के समाज में भी प्रासंगिक हैं और व्यक्ति को जीवन के सच्चे अर्थ का बोध कराती हैं।

गरुड़ पुराण के प्रमुख शिक्षाएं

  1. धर्म और नैतिकता: गरुड़ पुराण व्यक्ति को धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
  2. कर्म सिद्धांत: यह पुराण कर्म के महत्व और उसके फलों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
  3. मृत्यु और पुनर्जन्म: गरुड़ पुराण मृत्यु के बाद की स्थिति और पुनर्जन्म के सिद्धांत को विस्तार से समझाता है।
  4. सामाजिक कर्तव्य: यह पुराण व्यक्ति को उसके सामाजिक कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराता है।
मनु स्मृति – Manu Smriti
कठोपनिषद
श्रीमद् भागवत महापुराण (Sri Madbhagwat Mahapuran)
ब्रम्हांड पुराण (Brahmanda Purana)
भविष्य पुराण (Bhavishya Puran)
TAGGED:Garuda Puranaगरुड़ पुराण
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
शिव स्तोत्रस्तोत्र

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्

Sanatani
Sanatani
जनवरी 29, 2026
सूर्य आरती
श्रीमद्भागवत पुराण (भागवत पुराण) – Shrimad Bhagwat Puran
आदित्य स्तुति
नारद पुराण (Narada Puran)
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?