ब्रह्मवैवर्त पुराण (Brahmavaivarta Purana)
ब्रह्मवैवर्त पुराण हिन्दू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। यह पुराण ब्रह्मा, विष्णु और शिव के विभिन्न अवतारों और उनकी लीलाओं पर केंद्रित है और विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और उनके विभिन्न रूपों पर केंद्रित है। यह पुराण चार खंडों में विभाजित है: यह पुराण चार खंडों में विभाजित है। ब्रह्म खंड, प्रकृति खंड, गणपति खंड, और श्रीकृष्ण जन्म खंड
ब्रह्म खंड
ब्रह्म खंड का महत्व
ब्रह्म खंड ब्रह्मवैवर्त पुराण का पहला खंड है। इसमें सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्मा जी का जन्म, और विभिन्न देवताओं की कथाएँ शामिल हैं। यह खंड विशेष रूप से ब्रह्मा जी की महिमा और उनके द्वारा रचित सृष्टि पर केंद्रित है।
प्रमुख कथाएँ
इस खंड में ब्रह्मा जी और सृष्टि की उत्पत्ति से संबंधित अनेक कथाएँ हैं। इनमें से प्रमुख हैं:
- ब्रह्मा जी का जन्म
- सृष्टि की रचना
- ब्रह्मा जी के पुत्रों का वर्णन
प्रकृति खंड
प्रकृति खंड की विशेषताएँ
प्रकृति खंड ब्रह्मवैवर्त पुराण का दूसरा खंड है। इसमें प्रकृति, प्रकर्ति देवी, और उनके विभिन्न रूपों की महिमा का वर्णन किया गया है। यह खंड विशेष रूप से देवी दुर्गा और उनकी विभिन्न लीलाओं पर केंद्रित है।
देवी दुर्गा की कथाएँ
इस खंड में देवी दुर्गा की महिमा का वर्णन है। प्रमुख कथाएँ हैं:
- देवी दुर्गा का जन्म
- महिषासुर मर्दिनी की कथा
- देवी के विभिन्न रूप और उनकी लीलाएँ
गणपति खंड
गणपति खंड का सार
गणपति खंड ब्रह्मवैवर्त पुराण का तीसरा खंड है। इसमें भगवान गणेश की महिमा और उनकी लीलाओं का विस्तृत वर्णन है। यह खंड विशेष रूप से गणेश चतुर्थी और गणेश उपासना पर केंद्रित है।
भगवान गणेश की लीलाएँ Leelas of Lord Ganesha
इस खंड में भगवान गणेश की विभिन्न लीलाओं का वर्णन है। प्रमुख कथाएँ हैं:
- गणेश जी का जन्म
- शिव और पार्वती के पुत्र गणेश
- गणेश चतुर्थी का महत्व

श्रीकृष्ण जन्म खंड
श्रीकृष्ण जन्म खंड का महत्व
श्रीकृष्ण जन्म खंड ब्रह्मवैवर्त पुराण का चौथा और अंतिम खंड है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, उनकी बाल लीलाओं, और उनके विभिन्न रूपों का विस्तृत वर्णन है। यह खंड विशेष रूप से श्रीकृष्ण की महिमा और उनकी अद्भुत लीलाओं पर केंद्रित है।
भगवान श्रीकृष्ण की कथाएँ
इस खंड में भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत लीलाओं का वर्णन है। प्रमुख कथाएँ हैं:
- श्रीकृष्ण का जन्म
- माखन चोर लीला
- रासलीला और गोपिकाओं के साथ नृत्य
ब्रह्मवैवर्त पुराण का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
धार्मिक महत्व
ब्रह्मवैवर्त पुराण का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। यह पुराण हिन्दू धर्म के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है, जो भगवान श्रीकृष्ण, देवी दुर्गा, और भगवान गणेश की महिमा का वर्णन करता है।
सांस्कृतिक महत्व
इस पुराण का सांस्कृतिक महत्व भी बहुत अधिक है। इसमें वर्णित कथाएँ और लीलाएँ भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। यह पुराण हिन्दू धार्मिक त्योहारों और उत्सवों के दौरान प्रमुख रूप से पढ़ा और सुना जाता है।



