By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
SanatanWeb.comSanatanWeb.comSanatanWeb.com
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
      • धर्मशास्त्र
      • कामशास्त्र
      • रसायनशास्त्र
      • संगीतशास्त्र
      • ज्योतिषशास्त्र
      • अर्थशास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Reading: नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्
Share
Font ResizerAa
SanatanWeb.comSanatanWeb.com
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy
Search
  • सनातनज्ञान
    • वेद
    • उपनिषद
    • शास्त्र
    • पुराण
    • उपपुराण
    • सूत्र
  • गीतकाव्य
    • अष्टकम्
    • आरती
    • स्तोत्र
    • कथाए
    • कवचम्
    • कविताये और प्राथनाए
    • गरबा
    • चालीसा
    • भजन
    • भारत माता
    • मंत्र
    • शाबर मंत्र
    • शतकम्
    • संस्कृत श्लोक अर्थ सहित
    • सूक्तम्
  • आरोग्य
    • आयुर्वेद
    • घरेलू उपचार
    • योग और योगासन
  • ज्योतिष
    • ज्योतिष उपाय
    • राशि चिन्‍ह
    • राशिफल
    • हस्तरेखा
  • त्यौहार
  • धार्मिक पुस्तके
  • प्राचीन मंदिर
  • व्यक्तिपरिचय
  • हिन्दी
    • हिन्दी
    • English
    • ગુજરાતી
Follow US
SanatanWeb.com > Blog > गीतकाव्य > स्तोत्र > नृसिंह स्तोत्र > नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्
नृसिंह स्तोत्रस्तोत्र

नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्

Sanatani
Last updated: जनवरी 26, 2026 8:31 अपराह्न
Sanatani
Published: जनवरी 26, 2026
Share
SHARE

नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्

नृसिंह सप्तक स्तोत्रम् एक अत्यंत शक्तिशाली एवं प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान विष्णु के उग्र और रक्षक रूप श्री नृसिंह को समर्पित है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उन भक्तों के लिए उपयोगी माना जाता है जो भय, कष्ट, रोग, शत्रु बाधा या तंत्र-मंत्र जैसी नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति पाना चाहते हैं। “सप्तक” शब्द का अर्थ है “सात श्लोकों वाला”, और इस स्तोत्र में कुल सात मंत्रात्मक श्लोक होते हैं, जो अत्यधिक शक्ति से युक्त माने जाते हैं।

Contents
  • नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्
  • नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्
  • नृसिंह सप्तक स्तोत्र का महत्त्व
  • नृसिंह सप्तक स्तोत्रम् के पाठ की विधि
  • नृसिंह सप्तक स्तोत्र का विशेष लाभ

भगवान नृसिंह, भगवान विष्णु के दशावतारों में से एक हैं, जिन्होंने हिरण्यकशिपु नामक अत्याचारी राक्षस का वध करने के लिए अर्ध-मनुष्य और अर्ध-सिंह रूप धारण किया था। उनका यह रूप उग्र, तेजस्वी और रक्षक माना जाता है। वे अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करने के लिए नर और सिंह के संयोग से उत्पन्न हुए और धर्म की स्थापना की।

नृसिंह सप्तक स्तोत्रम्

अद्वैतवास्तवमतेः प्रणमज्जनानां सम्पादनाय धृतमानवसिंहरूपम् ।
प्रह्लादपोषणरतं प्रणतैकवश्यं देवं मुदा कमपि नौमि कृपासमुद्रम् ॥

नतजनवचनऋतत्वप्रकाशकालस्य दैर्घ्यमसहिष्णुः ।
आविर्बभूव तरसा यः स्तम्भान्नौमि तं महाविष्णुम् ॥

वक्षोविदारणं यश्चक्रे हार्दं तमो हन्तुम् ।
शत्रोरपि करुणाब्धिं नरहरिवपुषं नमामि तं विष्णुम् ॥

रिपुहृदयस्थितराजसगुणमेवासृङ्मिषेण करजाग्रैः ।
धत्ते यस्तं वन्दे प्रह्लादपूर्वभाग्यनिचयमहम् ॥

प्रह्लादं प्रणमज्जनपङ्क्तेः कुर्वन्ति दिविषदो ह्यन्ये ।
प्रह्लादप्रह्लादं चित्रं कुरुते नमामि यस्तमहम् ॥

शरदिन्दुकुन्दधवलं करजप्रविदारितासुराधीशम् ।
चरणाम्बुजरतवाक्यं तरसैव ऋतं प्रकुर्वदहमीडे ॥

मुखेन रौद्रो वपुषा च सौम्यः सन्कञ्चनार्थं प्रकटीकरोषि ।
भयस्य कर्ता भयहृत्त्वमेवेत्याख्याप्रसिद्धिर्यदसंशयाऽभूत् ॥

नृसिंह सप्तक स्तोत्र का महत्त्व

  1. भय एवं संकट से रक्षा:
    इस स्तोत्र का नियमित जप करने से किसी भी प्रकार के भय, जैसे मानसिक, भूत-प्रेत बाधा, रात्रिकालीन भय या अन्य अदृश्य संकटों से रक्षा होती है।
  2. रोगों से मुक्ति:
    विशेष रूप से मानसिक विकार, अनिद्रा, चिंता या अवसाद जैसी समस्याओं में यह स्तोत्र अत्यधिक लाभकारी माना गया है।
  3. शत्रु बाधा से सुरक्षा:
    यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं से घिरा है, या कोई उसकी उन्नति में बाधा डाल रहा है, तो यह स्तोत्र उसे अदृश्य रूप से संरक्षण प्रदान करता है।
  4. तांत्रिक क्रियाओं से बचाव:
    यदि किसी व्यक्ति पर तंत्र-मंत्र, जादू-टोना या नजरदोष का असर हो, तो नृसिंह सप्तक स्तोत्र का पाठ बहुत ही असरदार होता है।
  5. शांति एवं स्थिरता प्रदान करता है:
    यह स्तोत्र घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। यह मानसिक शांति और आत्मिक बल प्रदान करता है।

नृसिंह सप्तक स्तोत्रम् के पाठ की विधि

  • इस स्तोत्र का पाठ प्रातःकाल स्नानादि के बाद या संध्याकाल में शांतचित्त होकर करना चाहिए।
  • भगवान नृसिंह के चित्र, प्रतिमा या यंत्र के समक्ष दीपक जलाकर और अगरबत्ती लगाकर पाठ करें।
  • यदि संभव हो, तो “नृसिंह कवच”, “नृसिंह मंत्र” या “नृसिंह चालीसा” के साथ इसका पाठ करें।
  • सात दिनों तक इसका निरंतर पाठ करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।
  • कठिन समय में इसे दिन में दो बार (प्रातः एवं संध्या) भी किया जा सकता है।

नृसिंह सप्तक स्तोत्र का विशेष लाभ

  • वाद-विवादों में विजय।
  • कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता।
  • नौकरी या व्यापार में उन्नति।
  • बच्चों की रक्षा एवं शिक्षा में उन्नति।
  • मानसिक स्थिरता, ध्यान और साधना में प्रगति।
श्री सरबेेश्वर अष्टकम
शनि वज्रपंजर कवचम्
श्यामला दंडकम् – ஷ்யாமளா தண்டகம்
कृष्ण वरदा स्तुति
त्रिपुरसुंदरी अष्टकम
TAGGED:Narasimha Saptaka Stotramनृसिंह सप्तक स्तोत्रम्
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
1.8kLike
PinterestPin
1.3kFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
WhatsAppFollow

Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
मंत्रशाबर मंत्र

हनुमान साठिका

Sanatani
Sanatani
जनवरी 24, 2026
शिव तांडव स्तोत्रम्
श्री बटुक भैरव कवचं
श्री शबरिगिरीशाष्टकम्
और सब भूल भलेही श्रीहरिनाम न भूल
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

About US

SanatanWeb सनातन धर्म, वेदांत और भारतीय संस्कृति का विश्वसनीय मंच है। यहाँ शास्त्रों का सार, पूजा विधि, मंत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और परंपराओं से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाती है।
सनातानवेब
  • हमारे बारे में
  • हमसे संपर्क करें
क़ानूनी
  • अस्वीकरण
  • नियम और शर्तें
  • Privacy Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2026 Sanatanweb.com - Proudly made with ♥︎ in india.
sanatanweb-logo Sanatanweb logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?