36 C
Gujarat
मंगलवार, मार्च 3, 2026

नाथ अब लीजै मोहि उबार – Naath Ab Leejai Mohi Ubaar

Post Date:

नाथ अब लीजै मोहि उबार लीरिक्स

Naath Ab Leejai Mohi Ubaar Lyrics

नाथ अब लीजै मोहि उबार !

कामी, कुटिल, कठिन कलि-कबलित, कुत्सित कपटागार ।

मोही, मुखर, महा मद-मर्दित, मंद, मलिन-आचार ॥

बलयित-विषय, विताड़ित, विचलित, विकसित विविध विकार ।

दीन, दुखी, दुरदृष्ट, दुरत्यय, दुर्गत दुर्गुण-भार ।।

पंकिल प्रचुर, पतित, परिपंथी, निरपत्रप, निःसार ।

निःस्व, निखिल निगमागम वर्जित, निगडित नित गृह-दार ।।

दीनाश्रय ! तव विरद वित्ति- विदारण श्रुति-विस्तार ।

सुनत सुयश शुचि सो अब मैं आगत अघहारी-द्वार ।।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!