27.6 C
Gujarat
शनिवार, मार्च 7, 2026

जय जगदीश हरे प्रभु जय जगदीश हरे | Jai Jagdish Hare Prabhu Jai Jagdish Hare

Post Date:

जय जगदीश हरे प्रभु जय जगदीश हरे – Jai Jagdish Hare Prabhu Jai Jagdish Hare Lyrics

जय जगदीश हरे, प्रभु ! जय जगदीश हरे ! मायातीत, महेश्वर, मन-वच-बुद्धि परे ॥ टेक ॥

आदि, अनादि, अगोचर, अविचल, अबिनाशी।

अतुल, अनंत, अनामय, अमित शक्ति-राशी ॥१॥ जय०

अमल, अकल, अज, अक्षय, अव्यय, अविकारी ।

सत-चित-सुखमय, सुंदर, शिव, सत्ताधारी ॥२॥ जय०

विधि, हरि, शंकर, गणपति, सूर्य, शक्तिरूपा ।

विश्व-चराचर तुमहीं, तुमहीं जग-भूपा ॥३॥ जय०

माता-पिता-पितामह-स्वामि-सुहृद-भर्ता ।

विश्वोत्पादक-पालक-रक्षक-संहर्ता ॥४॥ जय०

साक्षी, शरण, सखा, प्रिय, प्रियतम, पूर्ण, प्रभो ।

केवल, काल, कलानिधि, कालातीत, विभो ॥५॥ जय०

राम-कृष्ण, करुणामय, प्रेमामृत-सागर ।

मनमोहन, मुरलीधर, नित-नव, नटनागर ॥६॥ जय०

सब विधि हीन, मलिनमति, इम अति पातकिजन ।

प्रभु-पद-विमुख अभागी, कलि-कषित तन-मन ॥७॥

जय० आश्रय-दान दयार्णव ! हम सबको दीजे ।

पाप-ताप हर हरि ! सब, निज-जन कर लीजे ||८|| जय०

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!