31 C
Gujarat
सोमवार, मार्च 9, 2026

हरि को हरि जन अतिहि पियारे – Hariko Hari Jan Atihi Piyaare

Post Date:

हरि को हरि जन अतिहि पियारे

Hariko Hari Jan Atihi Piyaare

हरिको हरि जन अतिहि पियारे ।

हरि हरि-जनतें भेद न राखें, अपने सम करि डारें ।।

जाति-पाँति, कुल-धाम, घरम-धन, नहि कछु बात विचारें।

जेहि मन हरि-पद-प्रेम अद्वैतुक, तेहि ढिग नेम बिसारें ।।

व्याध, निषाद, अजामिल, गनिका, केते अधम उधारे।

करि खग-बानर-भालु-निसाचर, प्रेम-बिवस, सब तारे ।।

परस्ति प्रेम, हिय हरखि राम मिलनीके भवन पधारे।

बारहि बार खात जूठे फल, रहे सराहत हारे ।।

विदुर-घरनि सुधि बिसरी तनकी, स्याम जवहिं पगु ध. रे।

कदली-फलके छिलका खाये, प्रेममगन मन भारे ।।

रे मन ! ऐसे परम प्रेममय हरिको मत बिसरा रे ।

प्रभुके पद-सरोज-रस चाखन, तू मधुकर बनि जा रे ।।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!