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शनिवार, मार्च 7, 2026

बना दो बुद्धिहीन भगवान – Bana Do Buddhiheen Bhagavaan Lyrics 

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बना दो बुद्धिहीन भगवान लीरिक्स

Bana Do Buddhiheen Bhagavaan Lyrics

बना दो बुद्धिहीन भगवान ।

तर्क-शक्ति सारी ही हर लो, हरो ज्ञान-विज्ञान ।

हरो सभ्यता, शिक्षा, संस्कृति, नये जगतकी शान ||

विद्या-धन-मद हरो, हरो हे हरे ! सभी अभिमान ।

नीति भीतिसे पिंड छुड़ाकर करो सरलता-दान ।।

नहीं चाहिये भोग-योग कुछ, नहीं मान-सम्मान ।

ग्राम्य, गँवार बना दो, तृणसम दीन, निपट निर्मान ।।

भर दो हृदय भक्ति-श्रद्धासे करो प्रेमका दान ।

प्रेर्मासन्धु ! निज मध्य डुबाकर मेटो नामनिशान ||

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