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सोमवार, मार्च 9, 2026

दृग तुम चपलता तजि देहु – Drg Tum Chapalata Taji Dehu

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दृग तुम चपलता तजि देहु – राग हंसधुन – ताल रूपक

दृग तुम चपलता तजि देहु ।

गुंजरहु चरनारबिन्दनि, होय मधुप सनेहु ॥

दसहुँ दिसि जित तित फिरहु, किन सकल जगरस लेहु ।

पै न मिलिहै अमित सुख कहुँ, जो मिले या गेहु ||

गहों प्रीति प्रतीत दृढ़ ज्यों, रटत चातक मेहु ।

बनो चारु चकोर पियमुख, चंद्र छबि रस एहू ।।

 

Drg Tum Chapalata Taji Dehu – Raag Hansadhun – Taal Roopak

Drg Tum Chapalata Taji Dehu .

Gunjarahu Charanaarabindani, Hoy Madhup Sanehu .

Dasahun Disi Jit Tit Phirahu, Kin Sakal Jagaras Lehu .

Pai Na Milihai Amit Sukh Kahun, Jo Mile Ya Gehu ||

Gahon Preeti Prateet Drdh Jyon, Ratat Chaatak Mehu .

Bano Chaaru Chakor Piyamukh, Chandr Chhabi Ras Ehoo ..

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