23.5 C
Gujarat
बुधवार, फ़रवरी 11, 2026

भगवान नटवर जी की जय

Post Date:

भगवान नटवर जी की जय Bhagavaan Natavar Jee Kee Jay

भगवान नटवर जी की जय-जय गिरिधारी प्रभु, जय-जय गिरिधारी।
दानव-दल बलिहारी, गो-द्विज हितकारी॥

जय गोविन्द दयानिधि, गोवर्धन-धारी।
वंशीधर बनवारी, ब्रज-जन प्रियकारी॥

गणिका-गीध- अजामिल-गजपति-भयहारी।
आरत-आरति-हारी, जय मंगल-कारी॥

गोपालक, गीतेश्वर, द्रौपदी-दु:खहारी।
शबर-सुता-सुखकारी, गौतम-तिय तारी॥

जन-प्रहलाद-प्रमोदक, नरहरि-तनुधारी।
जन-मन-रजनकारी, दिति-सुत-संहारी॥

टिट्टिभ-सुत संरक्षक, रक्षक मंझारी।
पाण्डु-सुवन-शुभकारी, कौरव-मद-हारी॥

मन्मथ-मन्मथ मोहन, मुरली-रव-कारी।
वृन्दाविपिन-बिहारी, यमुना-तट-चारी॥

अघ-बक-बकी उधारक, तृणावर्त-तारी।
विधि-सुरपति मदहारी, कंस-मुक्तिकारी॥

शेष, महेश, सरस्वती गुण गावत हारी।
कल कीरति विस्तारी भक्त-भीति-हारी॥

नारायण शरणागत, अति अघ अघहारी।
पद-रज पावनकारी चाहत चितहारी॥ जय…

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सरस्वती मां की आरती

सरस्वती मां(Saraswati Mata Aarti) को ज्ञान, संगीत, कला और...

गोकुल अष्टकं

गोकुल अष्टकं - Shri Gokul Ashtakamश्रीमद्गोकुलसर्वस्वं श्रीमद्गोकुलमंडनम् ।श्रीमद्गोकुलदृक्तारा श्रीमद्गोकुलजीवनम्...

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्

अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम्अष्टादश शक्तिपीठ स्तोत्रम् एक अत्यंत पवित्र...

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्

लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम्लक्ष्मी शरणागति स्तोत्रम् (Lakshmi Sharanagati Stotram) एक...
error: Content is protected !!